बंदर को नम आंखों से युवा संगठन लुगे के युवाओं ने दी विदाई, हिंदू रीति रिवाज से किया गया अंतिम संस्कार

मानव सेवा अनमोल है, इन्हीं
शब्दों को कुछ लोगों ने चरितार्थ किया है. ग्राम लुगे नव युवा समिति के युवाओं द्वारा एक मृत वानर (बंदर) का हिंदू रीति रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

" करंट लगने से बंदर की हुई मौत"

सनातन धर्म में बंदर को बजरंगबली का रूप माना गया है और इसी के चलते युवा संगठन लुगे के द्वारा चितावर चौंक में अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हुए विधि विधान से बंदर का अंतिम संस्कार किया. अंतिम संस्कार से पहले धार्मिक मंत्रोच्चारण किया गया

दरअसल, सनातन धर्म में बंदर को बजरंगबली का रूप माना गया है और इसी के चलते रहवासियों ने अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हुए विधि विधान से बंदर का अंतिम संस्कार किया.
ग्राम लुगे के युवाओं ने पूरे हिंदू रीति- रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया. युवाओं के द्वारा बताया गया कि वानर की मृत्यु करंट लगने से हुई है । उसके बाद बंदर की समाधि लगाने का फैसला किया.  चितावर के पास में समाधि के लिए ले जाया गया. यहा बंदर की शव यात्रा देख भीड़ भी लग गई. जिसने भी बंदर को देखा उसकी आंखे नम हो गयी.

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