छत्तीसगढ़ में 11 जून से गरज-चमक के साथ बौछारें, तापमान में और बढ़ोतरी संभव

छत्तीसगढ़ में 11 जून से गरज-चमक के साथ बौछारें, तापमान में और बढ़ोतरी संभव
रायपुर/जांजगीर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले खैरागढ़ में इन दिनों कला के क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिल रही है। यहाँ युवा कलाकारों की सृजनात्मक ऊर्जा और लोक कला को आधुनिक आयाम देने की कोशिशें रंग ला रही हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश का मौसम भी तेजी से करवट ले रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 10 जून के बाद से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। वर्तमान में एक से दो दिन तक मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन इसके बाद गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। इसके पहले प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में 1-2 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है।

मध्य छत्तीसगढ़ में पारा 41 से 43 डिग्री तक पहुंच सकता है। फिलहाल मानसून नारायणपुर और कोंडागांव तक पहुंचा है लेकिन आगे नहीं बढ़ पाया है क्योंकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली हवाएं कमजोर हो गई हैं।

बस्तर संभाग में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और सुकमा जिलों के लिए थंडर स्टॉर्म का यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। अन्य जिलों में मौसम फिलहाल सामान्य रहेगा। रविवार को रायपुर का तापमान 42.2°C रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक था।

बारिश की कमी, जून सूखा
हालांकि मई में छत्तीसगढ़ में 373% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, लेकिन जून की शुरुआत में 30% कम बारिश हुई है। मानसून के रुकने के कारण पहला सप्ताह लगभग सूखा गुजर गया। लेकिन 11 जून से बादलों की गड़गड़ाहट और वर्षा की वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।

145 दिन लंबा रह सकता है मानसून
इस वर्ष मानसून ने समय से 8 दिन पहले, 24 मई को केरल में दस्तक दी थी। अगर यह नियत समय पर 15 अक्टूबर को विदा लेता है, तो इसकी कुल अवधि 145 दिन की होगी। इस बार समय से पहले आने वाला मानसून यदि लगातार सक्रिय रहा तो कृषि और जल प्रबंधन के लिहाज से यह वर्ष लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

(रिपोर्ट: कमल खुंटे, जांजगीर फर्स्ट न्यूज)
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