पहले मामले में नागेन्द्र साहू नामक युवक ने दूसरे व्यक्ति की आधार और बायोमेट्रिक जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए एयरटेल कंपनी का फर्जी सिम कार्ड जारी किया था।
पुलिस ने आरोपी के पास से वनप्लस मोबाइल, फिंगरप्रिंट स्कैनर और पीओएस सिम कार्ड जब्त किया है।
🔹 दूसरा मामला — फर्जी पहचान पत्रों से सिम एक्टिवेशन
दूसरे मामले में उमेश साहू और वासुदेव साहू फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग कर सिम कार्ड सक्रिय कर रहे थे।
पुलिस ने दोनों के पास से मोबाइल फोन और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
🔹 तीसरा मामला — बिना सत्यापन प्रक्रिया के सिम जारी
तीसरे मामले में ओनिल कुमार साहू बिना वैधानिक सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए फर्जी सिम कार्ड जारी कर रहा था।
यह नेटवर्क लंबे समय से साइबर ठगी और ओटीपी फ्रॉड में इस्तेमाल हो रहे सिम कार्ड उपलब्ध करा रहा था।
⚠️ फर्जी सिम और म्यूल अकाउंट बन रहे साइबर अपराध का नया हथिया
धमतरी पुलिस का कहना है कि फर्जी सिम कार्ड और म्यूल अकाउंट (Mule Account) अब साइबर अपराधों का नया हथियार बन चुके हैं।
इनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा है।
👮♂️ धमतरी पुलिस की चेतावनी
> “फर्जी सिम जारी करने वालों पर अब नहीं बख्शी जाएगी लापरवाही — जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम जारी।”
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना सत्यापन के सिम जारी करने या फर्जी पहचान पत्र से सिम लेने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी अज्ञात व्यक्ति को अपना आधार या बायोमेट्रिक जानकारी न दें।


