राजिम कुंभ कल्प शुरू... श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकीः आरती में शामिल हुए राज्यपाल, माघ-पूर्णिमा पर त्रिवेणी संगम में लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक राजिम कुंभकल्प आज माघ पूर्णिमा के साथ शुरू हो गया है। यह आयोजन 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

राज्यपाल रमेन डेका सबसे पहले राजीव लोचन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे आरती में शामिल हुए और श्रद्धालुओं के साथ आरती की।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद रहे। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और संत समाज के कई प्रमुख संत भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
त्रिवेणी संगम में तड़के से शुरू हुआ पुण्य स्नान

त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं के पुण्य स्नान का सिलसिला सुबह 4 बजे से शुरू हुआ, जो दिनभर चला। राजिम कुंभ कल्प के दौरान देशभर से साधु-संतों के साथ देश-विदेश से श्रद्धालुओं के राजिम पहुंचने की उम्मीद है।

इस दौरान प्रवचन, भजन-कीर्तन, योग शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

राजिम में हर साल माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक राजिम मेला आयोजित होता है। लाखों श्रद्धालु उसी आस्था और विश्वास के साथ राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाते हैं। आज माघ पूर्णिमा के प्रथम स्नान के साथ ही मेले की शुरुआत हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह त्रिवेणी संगम में स्नान किया और उसके बाद भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ के दर्शन किए।
त्रिवेणी संगम के एक तट पर भगवान विष्णु श्री राजीवलोचन के रूप में विराजमान

राजिम कुंभ कल्प की अपनी एक अलग पहचान है। यह पैरी, सोंदूर और महानदी के त्रिवेणी संगम स्थल पर आयोजित होता है। त्रिवेणी संगम के एक तट पर भगवान विष्णु श्री राजीवलोचन के रूप में विराजमान हैं, जबकि दूसरे तट पर सप्तऋषियों में से एक लोमश ऋषि का आश्रम विद्यमान है। संगम के बीचों-बीच स्वयं महादेव कुलेश्वरनाथ के रूप में स्थापित हैं।

वैसे तो सालभर श्रद्धालुओं का यहां पहुंचने का सिलसिला लगा रहता है, लेकिन राजिम कुंभ मेले के दौरान उनकी संख्या कई गुना बढ़ जाती है। राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ जी के मंदिर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को घंटों कतार में खड़ा होना पड़ता है। आस्था के साथ ही मोक्ष मार्ग प्रशस्त होने की मान्यता से यह कुंभ कल्प अलौकिक माना जाता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

राजिम कुंभ में मेला स्थल बदल गया है। पुराने स्थल से 2 किमी दूरी पर 54 एकड़ वृहद स्थान पर नया मेला स्थल बनाया गया है। ऐसे में मेला में भीड़ भरने और सुरक्षा को लेकर प्रशाशन के समक्ष बड़ी चुनौती बन गई है। इस बार पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्र में 4 कंट्रोल रूम बनाया हुआ है। मेला और मंदिर क्षेत्र को 200 से ज्यादा सीसी कैमरों से सर्विलांस में लिया गया है।

गरियाबंद के अलावा सीमावर्ती अन्य जिलों से भी बल बुलाकर 1100 जवानों की तैनाती की गई है। प्रशिक्षित गोताखोर, फायर सेफ्टी गाड के अलावा सादी वर्दी में चप्पे चप्पे पर जवान तैनात रहेंगे। जिससे लूट या अनहोनी का शिकार श्रद्धालु न हो सके।

यातायात सुगम हो इसके लिए 5 से ज्यादा स्थानों पर पार्किंग बनाया गया है। वीआईपी मोमेंट के समय नवापारा राजिम हाइवे जाम न हो इसके लिए वीआईपी मूवमेंट के लिए एक नया रास्ता बनाया गया है जो मेला स्थल तक जाएगा।
राजिम कुंभ मेला 2026: यात्रियों की सुविधा के लिए रेल वन ऐप का प्रचार

राजिम कुंभ मेला 2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर रेल मंडल का वाणिज्य विभाग "रेल वन ऐप" के प्रचार का विशेष अभियान चला रहा है। यह मेला एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस अभियान के तहत 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक राजिम कुंभमेला क्षेत्र में रोजाना सहायता डेस्क (हेल्प डेस्क) लगाई जाएगी। यहां रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी यात्रियों को रेल वन ऐप डाउनलोड करने और उसे इस्तेमाल करने की जानकारी देंगे।

रेल वन ऐप से यात्री एक ही जगह पर टिकट बुकिंग, ट्रेन की लाइव स्थिति, पीएनआर स्टेटस, शिकायत दर्ज करना, रेल मदद, स्टेशन की सुविधाओं सहित कई जरूरी रेलवे सेवाओं की जानकारी आसानी से ले सकेंगे। इससे यात्रियों की यात्रा और भी आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।

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