राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं व्यवहारिक ज्ञान विकसित करने के उद्देश्य से गरियाबंद जिले के एलिमेंट्री स्तर के 10 विद्यार्थियों का आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम शहर में शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
शैक्षणिक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को देश की रक्षा, विज्ञान, पर्यावरण एवं पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों ने आईएनएस पनडुब्बी संग्रहालय का अवलोकन किया, जहां उन्हें भारतीय नौसेना की पनडुब्बी प्रणाली, समुद्र में कार्य करने की तकनीक तथा समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई। पनडुब्बी के भीतर जाकर बच्चों ने वहां की कार्यप्रणाली को देखा। कैलाशगिरी हिलटॉप पार्क भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को पहाड़ी भू-आकृति, हरित क्षेत्र संरक्षण तथा विशाखापट्टनम शहर के प्राकृतिक सौंदर्य के बारे में जानकारी दी गई। विजाग ग्लास ब्रिज पर आधुनिक इंजीनियरिंग, संरचनात्मक मजबूती एवं सुरक्षा उपायों से अवगत कराया गया।
वायु सेना के निगरानी विमान का इतिहास बताया गयाः
इसके बाद विद्यार्थियों ने टियू-142 विमान संग्रहालय का भ्रमण किया, जहां उन्हें भारतीय वायुसेना के समुद्री निगरानी विमान के इतिहास एवं उपयोगिता की जानकारी दी गई। ऋषिकोंडा बीच एवं आर. के. बीच पर समुद्री जैव विविधता, तटीय पर्यावरण, स्वच्छता एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। पूरे भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने में श्रीमती सिम्मी विल्सन, जिला पीएमयू टीम से टाकेश्वरी, देवेंद्र कुमार आसनी एवं सनत कुमार की भूमिका रही। जिला नोडल अधिकारी विल्सन पी. थॉमस ने बताया कि कलेक्टर भगवान सिंह उइके एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर के निर्देशन में आयोजित किया गया। सफल संचालन में जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर तथा जिला मिशन समन्वयक शिवेश कुमार शुक्ला का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
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