छत्तीसगढ़ में हीटवेव, मोर समेत दुर्लभजीवों की मौतः रायपुर में पारा 45.7°C, आंधी-बारिश की भी आशंका, राजनांदगांव सबसे गर्म

छत्तीसगढ़ के 20 जिलों में अगले 3 दिनों तक हीटवेव का अलर्ट है। 26 से 28 मई तक सेंट्रल और साउथ के कुछ इलाकों में लू का सबसे ज्यादा असर रहेगा। इसी बीच मौसम विभाग ने आंधी-बारिश की भी संभावना जताई है।

वहीं खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर वहीं खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर और पाम सिवेट समेत कई वन्यजीव मृत मिले हैं। मृत पक्षियों में रुफस ट्रीपाई, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन और जंगल आउलेट जैसी प्रजातियां भी शामिल हैं।

खैरागढ़ DFO पंकज राजपूत ने बताया कि वन विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है। आशंका है कि भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक के चलते इनकी मौत हुई हो। मृत वन्यजीवों का पोस्टमॉर्टम किया गया है, जिसकी रिपोर्ट कल आएगी। इसके बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले नौतपा के दौरान सेहत का ख्याल रखने वाली ये दो खबरें पढ़ लीजिए...

1. नौतपा में लू से बचेंः शरीर को रखें कूल, सुबह खाएं ये 8 फल, ये 9 ड्रिंक्स शरीर को भीतर से रखेंगे ठंडा

नौतपा के 9 दिनों में गर्मी अपने चरम पर होती है। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जाता है। इसका सीधा असर शरीर पर पड़ता है। तेज धूप, लू और हाई टेम्परेचर से थकान, डीहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक का रिस्क बढ़ जाता है।

2. क्रॉनिक डिजीज है तो नौतपा में सावधानः हीट स्ट्रोक का रिस्क ज्यादा, ये 11 संकेत इग्नोर न करें, तुरंत डॉक्टर से मिलें

नौतपा में गर्मी चरम पर होती है। हाई टेम्परेचर में शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है, उनके लिए यह समय और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इन जिलों में हीटवेव का अलर्ट

हीटवेव बिलासपुर, रायगढ़, सरंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, सक्ती, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, रायपुर, बालोदाबाजार, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, बस्तर, कोंडागांव और कांकेर में चलने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में बना रहेगा लू का असर

सोमवार (25 मई) से नौतपा की शुरुआत हुई। ज्योतिष और मौसम के लिहाज से यह साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, नौतपा के शुरुआती दिनों में छत्तीसगढ़ में तेज धूप और लू का असर बना रहेगा। खासकर रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, महासमुंद और आसपास के जिलों में दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

बिहार से आंध्र प्रदेश तक एक्टिव है सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, साउथ बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का साइक्लोनिक मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, साउथ बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है।

जो झारखंड और ओडिशा से होकर गुजर रही है। इसी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है।

हल्की बारिश और तेज हवा की संभावना

छत्तीसगढ़ में 26 से 29 मई तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम

अगले दो दिनों के दौरान भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। वहीं कुछ इलाकों में लू का असर बना रह सकता है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

तेज गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की अपील भी की गई है।

किसानों के लिए सलाह जारी

मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि रबी मक्का, केला और पपीता की फसलों में निराई-गुड़ाई के बाद हल्की सिंचाई करें ताकि तेज गर्मी से फसल को नुकसान न हो।

इसके अलावा गेहूं और चना की कटाई जल्द पूरी करने और उपज को सुरक्षित जगह पर रखने की सलाह दी गई है

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