रायपुर में देर शाम अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चली। वहीं सरगुजा, कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दोपहर को बारिश हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच आसमान में काले बादल छा गए। रायगढ़ में भी शाम को जोरदार बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।
गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर तेज हवा और बारिश के दौरान एक पेड़ गिर गया। इससे यातायात बाधित हो गया और मार्ग कुछ समय के लिए बंद रहा। वहीं गौरेला के गांधी चौक क्षेत्र में एक जर्जर मकान का टीन शेड तेज हवाओं के कारण उड़कर बिजली के खंभे में जा अटका, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
वहीं मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। रायगढ़ जिले में कुछ जगहों पर 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। यह अलर्ट शनिवार रात 8 बजे जारी किया गया है, जो रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।
मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले नौतपा के दौरान सेहत का ख्याल रखने वाली ये खबर पढ़ लीजिए...
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देश के कई शहरों में इन दिनों टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस के पार है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चे की सेहत पर भारी पड़ सकती है। उनकी दिनचर्या और खानपान में कुछ बदलाव करके उन्हें हीट स्ट्रोक यानी लू से बचाया जा सकता है।
ऑरेंज अलर्ट: रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग,
जांजगीर-चांपा, कोरबा, गरियाबंद, धमतरी, सूरजपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर (सरगुजा), जशपुर, महासमुंद और बेमेतरा जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं, बिजली गिरने और हल्की बारिश की संभावना है।
येलो अलर्ट: कोरिया, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, मुंगेली,
बिलासपुर, कबीरधाम (कवर्धा), राजनांदगांव, बालोद, कांकेर और कोंडागांव जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
हीटवेव से राहत मिलने के संकेत
भीषण गर्मी और हीटवेव से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने के संकेत हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले 3 दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश की एक्टिविटी बढ़ेंगी। 30 मई यानि आज से प्रदेश में हीटवेव की स्थिति खत्म होने की संभावना जताई गई है।
मार्च से मई तक सामान्य से ज्यादा रहा तापमान
मार्च के शुरुआती दिनों में रायपुर का अधिकतम तापमान 34 से 38°C के बीच रहा। यह सामान्य औसत के आसपास या थोड़ा ऊपर था। यानी गर्मी की शुरुआत सामान्य पैटर्न पर हुई।
अप्रैल में तेजी से बढ़ी गर्मी
ग्राफ में अप्रैल आते-आते तापमान लगातार ऊपर जाता दिख रहा है। कई दिनों में अधिकतम तापमान 40°C के पार पहुंच गया। खास बात यह है कि इस दौरान अधिकांश दिनों का तापमान सामान्य औसत (हरी लाइन) से ऊपर रहा। इसका मतलब है कि रायपुर ने सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस की।
मई में हीटवेव जैसी स्थिति
मई के दौरान तापमान लगातार 42 से 45°C के बीच बना रहा। कई दिनों में पारा 44-45°C तक पहुंचा, जो बेहद गर्म स्थिति मानी जाती है। हालांकि तापमान रिकॉर्ड 47°C तक नहीं पहुंचा, लेकिन लगातार कई दिनों तक 43 डिग्री से ऊपर बने रहना हीटवेव की गंभीर स्थिति को दिखाता है।
रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन गर्मी असामान्य रही
ग्राफ में बैंगनी लाइन 47°C के रिकॉर्ड तापमान को दिखाती है। 2026 में तापमान इस रिकॉर्ड तक नहीं पहुंचा, लेकिन कई दिनों तक सामान्य से 2 से 4 डिग्री ज्यादा बना रहा। मौसम विज्ञान में लगातार कई दिनों तक सामान्य से अधिक तापमान को हीटवेव का संकेत माना जाता है।
सामान्य तापमान और वास्तविक तापमान में अंतर
हरी लाइन धीरे-धीरे बढ़ती दिख रही है, यानी मौसम विभाग के अनुसार मार्च से मई के बीच सामान्य रूप से तापमान बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन नीले बार कई जगह इस लाइन से काफी ऊपर हैं। इससे साफ है कि इस साल रायपुर में प्री-मानसून गर्मी सामान्य से ज्यादा तेज रही।
जानिए, क्यों बदल रहा मौसम ?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य पाकिस्तान से लेकर ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जो राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है।
इसी सिस्टम के असर से प्रदेश में नमी बढ़ रही है और बारिश-आंधी की गतिविधियां तेज हो रही हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से नमी वाली हवाएं मध्य भारत की ओर पहुंच रही हैं।
छत्तीसगढ़ के ऊपर जब गर्म हवा और नमी वाली हवा आपस में टकरा रही हैं, तब वातावरण अस्थिर हो रहा है और गरज-चमक वाले बादल तेजी से बन रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में 5 तरह से इसका असर देखने को मिल सकता है
1. हीटवेव से राहत मिलने लगी
पिछले कई दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था। अब ट्रफ लाइन सक्रिय होने से बादल बढ़ रहे हैं और तापमान में गिरावट शुरू हो गई है। उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिरा है। मौसम विभाग ने 30 मई से हीटवेव की स्थिति खत्म होने के संकेत दिए हैं।
2. बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ेंगी
प्रदेश में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। खासकर बस्तर, सरगुजा और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई जगह 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
3. बस्तर संभाग में ज्यादा असर
दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा नमी पहुंच रही है। यही वजह है कि सुकमा, जगदलपुर, दरभा और तोंगपाल जैसे इलाकों में बारिश रिकॉर्ड की गई। आने वाले दिनों में भी बस्तर क्षेत्र में गरज-चमक और तेज बारिश की गतिविधियां बाकी हिस्सों की तुलना में ज्यादा रह सकती हैं।
4. धूलभरी आंधी और बिजली गिरने का खतरा
मध्य छत्तीसगढ़ और मैदानी इलाकों में तेज गर्मी के कारण सतह काफी गर्म हो चुकी है। ऐसे में जब नमी वाली हवाएं पहुंचती हैं तो अचानक तेज आंधी और बिजली गिरने जैसी स्थिति बनती है। मौसम विभाग ने कई जिलों में थंडरस्टॉर्म और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
5. किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी और खेतों में नमी बढ़ेगी, लेकिन तेज हवा और ओलावृष्टि से सब्जी और फल फसलों को नुकसान भी हो सकता है। खासकर खुले में रखी उपज और आम की फसल पर असर पड़ने की आशंका है।
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