राजधानी में 40.2 डिग्री तापमान यानी भीषण गर्मी के बीच मंगलवार को शहर के स्कूल खुल गए। लंबे अवकाश के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों के चेहरों पर उत्साह तो दिखा, लेकिन तेज धूप और उमस के कारण उन्हें परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
छुट्टियों के दौरान राजधानी में लगातार तेज गर्मी रही और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।
स्कूल से घर लौटते समय कई बच्चे धूप से बचने के लिए बस्ते को सिर पर रखकर चलते नजर आए। वहीं अभिभावक भी बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए स्कार्फ, छाते और अन्य उपायों का सहारा लेते दिखाई दिए। दोपहर के समय तेज धूप के कारण स्कूल से लौटने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं अभिभावक
समता कॉलोनी निवासी विनय परमार और संतोषी नगर निवासी सुमित वर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान स्कूल खोलने से बच्चों की सेहत प्रभावित हो सकती है। हालांकि पढ़ाई और पाठ्यक्रम प्रभावित होने की चिंता के कारण बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है। बच्चों को धूप से बचाने सावधानी बरतनी पड़ रही है।
भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. निलय मोझरकर, शिशुरोग
विशेषज्ञ
स्कूल से पहले बच्चों को भोजन और पर्याप्त पानी पिलाएं
गर्मी के मौसम में बच्चों का हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है। स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि छुट्टी से पहले बच्चों को गर्मी के मौसम में बच्चों का हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है। स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि छुट्टी से पहले बच्चों को पानी पिलाने की व्यवस्था करें। साथ ही बच्चों को घर से स्कार्फ या कैप पहनकर आने के लिए प्रेरित करें, ताकि लौटते समय उन्हें धूप से बचाव मिल सके।
उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को पौष्टिक भोजन कराने और पर्याप्त पानी पिलाने के बाद ही स्कूल भेजें। बच्चों के स्वास्थ्य पर नियमित नजर रखें और आवश्यकता होने पर उन्हें ओआरएस घोल या पर्याप्त पानी साथ देकर भेजें, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाव हो सके।
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