वर्षाकाल में रेत खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद खनिज विभाग की अनदेखी से रेत का अवैध खनन बेखौफ जारी है। मेघा एनीकट के पास प्रतिबंध के बावजूद 12 ट्रैक्टरों में धड़ल्ले से रेत लोड की जा रही थी। यहां बेखौफ होकर रोजाना लगभग 100 ट्रैक्टरों से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। अधिकारियों की अनदेखी से एनीकट धंसने की आशंका है।
बीते 21 सितंबर 2024 को अवैध रेत खनन के चलते मेघा पुल धंस गया। अब ठीक वैसी ही लापरवाही मेघा एनीकट और करेली बड़ी-नारी के बीच जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए एनीकट तथा पुलिया के पास दोहराई जा रही है। माफिया सीधे एनीकट और सेतु निर्माण के पिलर व सुरक्षा दीवारों के पास से रेत निकाल रहे हैं। इससे इनकी नींव खोखली हो रही है। बारिश में यह अनिकेत धस सकता है