गंगरेल के 11 गेट बंद, बारिश थमने से टली आफत. तीन गेट से छोड़ा जा रहा महज 15 हजार क्यूसेक पानी


धमतरी। दो दिनों तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद धमतरी जिले में अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। बारिश थमने के साथ नदी-नालों का जलस्तर भी कम होने लगा है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की स्थिति बन रही है। हालांकि बारिश के पानी से हुए नुकसान के निशान लोगों के घरों और खेतों में साफ दिखाई दे रहे हैं। इस बीच सबसे बड़ी राहत की खबर गंगरेल बांध से आई है। नदी किनारे बसे गांवों में तबाही मचाने वाले बांध के 11 गेट बंद कर दिए गए हैं। रविवार शाम बांध के महज तीन गेट खुले थे और इनसे करीब 15 हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा था। कैचमेंट एरिया में बारिश थमी रही और बांध में आवक इसी तरह कम होती रही तो सोमवार तक शेष गेट भी बंद किए जाने की संभावना है। लगातार बारिश और कैचमेंट एरिया से पानी की जबरदस्त आवक के चलते बांध के सभी 14 गेट खोलने पड़े थे। एक समय गंगरेल से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से महानदी समेत आसपास के नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए। गंगरेल से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश के चलते नदी किनारे बसे एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया था। कई जगह लोगों के घरों में पानी घुस गया तो कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। अलग-अलग स्थानों पर करीब 41 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे, जिन्हें जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला। जहां जरूरत पड़ी, वहां रेस्क्यू टीमों को भेजकर लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सैकड़ों लोगों को कुछ समय के लिए अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी।

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