भास्कर न्यूज | धमतरी गंगरेल बांध बनने के बाद 48 साल के इतिहास में पहली बार महानदी में एक ही लेवल पर 24 घंटे रिकॉर्ड 2.51 लाख क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ने से नारी-खट्टी एनीकट उखड़ गया है। नदी के रौद्र रूप के कारण एनीकट का 15 फीट का हिस्सा और सुरक्षा के लिए बना 100 मीटर का तटबंध बह गया है। ग्रामीणों ने इस तबाही की मुख्य वजह अवैध रेत खनन को बताया है, जिससे एनीकट की नींव कमजोर हो चुकी थी। बाढ़ के पानी ने नदी किनारे स्थित करीब 20 एकड़ कृषि भूमि का नामोनिशान मिटा दिया है। जहां कभी लहलहाती फसलें थीं, वहां अव सिर्फ रेत की मोटी परत नजर आ रही है। पीड़ित किसानों में खुमान साहू, बुधराम निषाद, बाबूराम साहू, रमेश बैस, नानक साहू, नाथु साहू, निषाद, डीहू साहू, होरी गोंड, हरि निषाद, नेहरू सोनकर समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं। भोला सोनकर, रत्न निषाद, धनेश्वर ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने इस एनीकट की मजबूती के लिए 5 करोड़ की घोषणा की थी, लेकिन फंड का पता नहीं चला और एनीकट बह गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाकर कहा कि किसानों के नुकसान का आकलन करने अफसरों के पास समय नहीं है, लेकिन बाढ़ के पानी से घिरी नारी गांव की शराब दुकान की 24 घंटे सुरक्षा सुरक्षा में आबकारी विभाग और प्रशासनिक अमला मुस्तैद बैठा है। नारी निवासी मोहन लाल निषाद ने बताया कि नारी-खट्टी एनीकट साजाडीह, खट्टी, करेली, परसट्टी, कंडेल और रांका समेत 8 से 10 कहां कितना नुकसान हुआ इसका कराया जाएगा सर्वे महानदी का पानी अब उतर रहा है। मैदानी टीम को नुकसान के सर्वे के लिए नारी समेत अन्य गांवों में भेजा जाएगा। एनीकट बहने की जानकारी मुझे अभी नहीं है। टीम भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 5 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है। नभसिंह कोसले, एसडीएम कुरूद गांवों को आपस में जोड़ता था। इसके बह जाने से करीब 20 से 25 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों को अब 18 से 20 किमी का अतिरिक्त चंक्कर काटना पड़ रहा है। इधर डुबान क्षेत्र के मोंगरागहन का जर्जर पुल भी बाढ़ में बह गया है, जिससे लोगों को चारामा मार्ग से घूमकर धमतरी आना पड़ रहा है। धमतरी। नारी-खट्टी के बीच स्थित एनीकट बाढ़ के कारण टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका है।
कारण महानदी में आई बाढ़ से नारी का एनीकट टूटा, तटबंध भी बह गए. अवैध रेत खनन को बताया जा रहा मुख्य कारण
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