विपक्ष की पहली बैठक 24 जून 2024 को हुई थी। छत्तीसगढ़ में लोकसभा के कुल 11 मंदिर हैं और इन सभी में से चुने गए न्यूनतम स्थानीय क्षेत्र विकास योजना यानी MPLADS के तहत क्षेत्र के विकास कार्यक्रमों के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है।
23 और 24 सितंबर 2026 को न्यूनतम निधि के रिकॉर्ड के आधार पर देखें तो 11 मछलियों के बीच राशि खर्च करना, मछली की नमकीन बनाना और काम पूरा करने में काफी अंतर दिखाई देता है। (छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री निधि)
यहां एक बात जरूरी है कि चादर और खर्च एक ही चीज नहीं है। सोमाली का मतलब न्यूनतम ने किंट राश के विकास कार्य की नौकरानी की, जबकि खर्च का मतलब रिकॉर्ड में वास्तविक लागत दर्ज हुई है।
खर्च के मामले में आगे कौन? (छत्तीसगढ़ संसद निधि)
उपलब्ध रिकार्ड में सबसे अधिक खर्चा कमलेश जांगड़े का नाम दर्ज है। इसके बाद अराध्य राठिया, रूप कुमारी चौधरी और ज्योत्सना चरणदास महंत का नंबर आता है।
1.कमलेश जांगड़े - जांजगीर-चांपा
कमलेश जांगड़े को कुल 15.0 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने 11.5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया और रिकॉर्ड में 9.9 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज किया।
यानी कुल मिलाकर करीब 66.1 प्रतिशत खर्च दर्ज हुआ है। काम पूरे मामले में भी कमलेश जांगड़े के नाम 254 काम पूरे दर्ज हैं, जबकि 90 काम अभी पूरे नहीं हुए हैं।
कमलेश जांगड़े 18वीं वर्जिन महिला नाबालिग हैं और उपलब्ध आंकड़ों में महिला मॉडलों की लागत और पूरे किए गए श्रमिकों की संख्या के मामले में उनके सबसे अधिक पात्र हैं। उनके क्षेत्र जांजगीर-चांपा और रियासत की आधिकारिक सूची में 18वीं धारा दर्ज है।
2.राठिया राठिया - रायगढ़
रायगढ़ में इम्प्लायंट राठिया को 16.0 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें से 9.8 करोड़ रुपए की रकम हुई और 8.1 करोड़ रुपए खर्च दर्ज है।
यह कुल स्वामित्व का करीब 50.6 प्रतिशत है। इन क्षेत्रों में 72 काम पूरे हो चुके हैं, जबकि 66 काम बाकी हैं।
3. रूप कुमारी चौधरी - महासमुंद
महासमुंद के सांसद रूप कुमारी चौधरी को 15.3 करोड़ रु. मिले हैं। उनके पास 11.6 करोड़ रुपये के स्लॉट की कीमत और 7.7 करोड़ रुपये खर्च दर्ज है।
यानी कुल मिलाकर करीब 50.1 प्रतिशत खर्च हुआ है। इन क्षेत्रों में 73 काम पूरे हुए हैं और 106 काम अभी पूरे नहीं हुए हैं।
4. ज्योत्सना चरणदास महंत - कोरबा
कोरबा मिनिमल ज्योत्सना चरणदास महंत के लिए 15.5 करोड़ रु. शेयर हैं। इनमें 11.5 करोड़ रुपये की फ्लैट हुई और 7.6 करोड़ रुपये खर्च दर्ज है।
कुल मिलाकर एकल खर्च करीब 48.7 प्रतिशत है। इन क्षेत्रों में 136 काम पूरे हैं, जबकि 174 काम बाकी हैं।
5. बजरंग मोहन अग्रवाल - रायपुर
रायपुर अनमोल बजरंग मोहन अग्रवाल को 15.4 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने 12.6 करोड़ रुपये के विकास कार्य की शुरुआत की है। यह राशि कुल अंकित का करीब 82.2 प्रतिशत है।
रिकॉर्ड में 6.9 करोड़ रुपए का खर्च दर्ज है, जो कुल मिलाकर करीब 44.7 प्रतिशत है। इन क्षेत्रों में 38 काम पूरे हुए हैं, जबकि 126 काम अभी पूरे नहीं हुए हैं।
6. महेश कश्यप - स्थान
विदेशी मूल के महेश कश्यप को 14.7 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें 11.1 करोड़ रुपये का सूट और 6.4 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज है।
कुल मिलाकर एकल खर्च करीब 43.9 प्रतिशत है। इन क्षेत्रों में 38 काम पूरे हैं और 168 काम बाकी हैं।
7. संतोष पांडे - राजनंदगांव
राजनंदगांव के सांसद संतोष पांडे को 14.7 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें 8.6 करोड़ रुपये की चिप हुई और 6.2 करोड़ रुपये खर्च दर्ज है।
कुल मिलाकर एकल खर्च करीब 42.2 प्रतिशत है। इन क्षेत्रों में 72 काम पूरे हो गए हैं और 105 काम बाकी हैं।
8. चिंतामणि महाराज - सरगुजा
सरगुजा में न्यूनतम चिंतामणि महाराज को 14.7 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें 10.1 करोड़ रुपये की नीलामी हुई और 6.1 करोड़ रुपये खर्च दर्ज है।
कुल मिलाकर एकल खर्च करीब 41.8 प्रतिशत है। 70 काम पूरे हुए, जबकि 260 काम अभी पूरे नहीं हुए। यह उपलब्ध आंकड़ों में सबसे अधिक संख्या कर्मचारियों की है।
9. विजय बॅल – दुर्ग
दुर्ग न्यूनम विजय बिगुल को 14.7 करोड़ रुपये की कीमत मिली है। इनमें 12.1 करोड़ रुपये की शर्ट और 5.9 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज है।
जो कि कुल मिलाकर यूनिट का खर्च करीब 40.0 प्रतिशत है। इन क्षेत्रों में 70 काम पूरे हैं और 148 काम बाकी हैं।
10. तोखन साहू - बिलासपुर
बिलासपुर रिपब्लिकन तोखन साहूकार को 14.7 करोड़ रु. की हिस्सेदारी दी गई है। इनमें 10.2 करोड़ रुपये की फ्लैट हुई और 5.6 करोड़ रुपये खर्च दर्ज है।
कुल काम का करीब 38.0 प्रतिशत खर्च दर्ज है। 41 काम पूरे हो गए हैं, जबकि 90 काम बाकी हैं।
11. भोजराज नाग - कांकेर
कांकेर सांसद भोजराज नाग को 16.5 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं। यह इन 11 सांसदों में सबसे अधिक आवंटित राशि है। लेकिन अब तक 6.5 करोड़ रुपए के कामों की अनुशंसा दर्ज है और 3.6 करोड़ रुपए का खर्च रिकॉर्ड हुआ है।
कुल आवंटन के मुकाबले खर्च करीब 21.9 प्रतिशत है। इनके क्षेत्र में 29 काम पूरे हुए हैं और 58 काम अभी बाकी हैं।