कुरुद ब्रेकिंग: मतदान के पहले ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मतदान दल को गांव के बाहर रोका
मतदान गुरुवार को दोपहर 12 बजे गांव पहुंचा, तो केंद्र के अंदर घुसने से रोका। करीब 5 घंटे विरोध के बाद एसडीएम सोनाल डेविड ने सुरक्षित केंद्र के अंदर पहुंचाया। ग्रामीणों को समझाकर मामले को शांत कराया।
ग्रामीणों के अनुसार चारभाठा के रेत खदान को बंद कराने की मांग की थी। प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो मतदान के एक दिन पहले केंद्र में बैनर लगाकर चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था। एसडीएम कुरूद सोनाल डेविड ने कहा कि ग्रामीणों को समझाया गया। मतदान दल गांव में पहुंच चुके है। 17 नवंबर को निर्धारित समय पर मतदान होगा।
आपको बता दें कि कुरूद विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों में गुरूवार देर शाम तक मतदान दल पहुंच गए। कुरूद विधानसभा में भाजपा-कांग्रेस सहित 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिसके भाग्य का फैसला 2 लाख 8 हजार 655 मतदाता 17 नवंबर को करेंगे।
क्या ऐसा करना सही है
जी बिलकुल ये सही नहीं है। में सलाह में गांव वालो ऐसा तब करना चाइये या उनके सामने करना चाहिए जब किसी की सर्कार या विधायक बन जाये उनको आंदोलन करना चाहिए चुनाव का बहिस्कार नहीं मतदान नहीं करने से उन्ही लोगो का और लोकतंत्र का नुकसान होगा उन विधायको या रेट माफियाओ का नहीं इसमें आपका और हमारा नुकसान है।
चुनाव लोकतंत्र का त्यौहार है इसमें हर नागरिक को भाग लेना चाहिए। अगर अआप्के यहाँ कोई काम नहीं हुआ है। आप सत्ता पक्ष से इस विजय में उनको ज्ञापन दे सकते है। उनसे गुहार कर सकते है। अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे आगे शेयर जरूर। इसी तरह की और जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहिये।
