मगरलोड बूढ़ादेव मंदिर के सामने एक व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति को मारपीट जान से मरने की धमकी। मगरलोड थाना में हुआ मामला दर्ज।
मगरलोड ठाणे से आज मिली जानकारी में बताया की लालाराम ध्रुव निवासी मगरलोड ने रिपोर्ट दर्ज करवाई की बुद्धदेव मंदिर के सामने विभीषण ध्रुव का गांव के कुछ लोगो के साथ वाद विवाद हो रहा था। उस समय मई वही पर खड़ा था। फिर मैं अपने घर जाने लगा तो विभीषण ध्रुव ने मुझे तुम साले यहाँ तमाशा देख रहे हो ऐसी अश्लील गन्दी गन्दी गली गलोच करते हुए जान से मरने की धमकी देते हुए , हाँथ पकडे हुए बांस के डंडे से मारपीट किया। मारपीट करने से मैं घायल हो गया। एवं बगल में बैठे श्यामलाल साहू को भी मारपीट किया है जिससे वे भी घायल हो गया। बरहाल मगरलोड मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही में जुट गए है।
क्यों होती है मारपीट
आईये जानते है की किन करने से मरपिट जैसे मामले ात है सामने ज्यादातर मरपिट नसे के कारण होती है और कुछ मानशिक करने की वजह से
अधिकास मारपीट जैसे मामले तब देखे जाते हैजब घर में विवाद होता है। एक अपक्ष दूसरे पक्ष से जब सहमत या असंतुस्ट होता है तब यह मामला ज्यादा होता है इन मामलो में मारपीट और जान से मरने की धमकिया जय सामने आती है
कैसे इनका सामना किया जाये
आईये जानते है की इन मामलो से कैसे पीछा छुड़ाया जाये ज्यादातर मामलो में आप चुप ही रहिये। जब कोई व्यक्ति आपसे बहस करता है वो भी बन कारन के तो ऐसी स्थिति में आपको ज्यादा समय चुप ही रहना चाहिए कुछ बोलने से अच्छा है की आप संत रहे और कुइछ न बोले यही आपके और दूसे जो बहस कर रहा हैउसके लिए भी अच्छा होगा
मेरे खयाल से आप अब समझ ही गए होंगे की ऐसी स्थिति आयने पर आपको क्या करना चाहिए।
अगर बात ज्यादा आगे बढ़ती है तब क्या करे।
बात जब ज्यादा बढ़ने लगे तो आपको हो सके तो वह से चले जाना चाहिए अब कुछ लोग कहेंगे की ये क्या बात हुयी की वह से चले जाने में क्या समझदारी है। मेरी सलाह यही है की आपको वह से चले जाना ही ठीक है। क्युकी जब कोई व्यक्ति घिस्से में आपके साथ बशस करता है तब वह कुछ नहीं सोचता बस आपकके ऊपर ग़ुस्सा निकलने के बारे में ही सोचता है।
जब उसका ग़ुस्सा संत होगा तो वही व्यक्ति आपसे खुद आके बात करेगा और आपसे शर्मिंदा होगा यकीं मानिये ऐसा ही होगा अभी आपको मेर बाटे गलत भी लग सकती है लेकिन यही अशी है।
