नवापारा में 'चावल उत्सव' बना घोटाले का त्योहार! कीड़ा लगे चावल से जनता में आक्रोश, नेता प्रतिपक्ष ने खोला मोर्चा

रायपुर/नवापारा, 9 जून 2025
छत्तीसगढ़ में 01 से 07 जून तक पूरे धूमधाम से आयोजित किए गए ‘चावल उत्सव’ के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब नवापारा नगर की कुछ राशन दुकानों से कीड़ा लगा, सड़ा और खराब चावल वितरित होने की खबर सामने आई। इस चावल को प्रदेश के 81 लाख से अधिक राशन कार्डधारी परिवारों को जून, जुलाई एवं अगस्त माह का कोटा एकमुश्त दिया जा रहा है।
राज्य सरकार ने प्रदेश की 13,928 उचित मूल्य दुकानों को चावल का आवंटन कर इस योजना को सफल बनाने की कोशिश की, लेकिन नवापारा में सामने आई यह लापरवाही इस महत्त्वपूर्ण योजना पर सवाल खड़े कर रही है।


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1600 बोरी खराब चावल मिला, नेता प्रतिपक्ष ने जताया विरोध

जैसे ही लोगों को कीड़ा लगे चावल मिलने लगे, नवापारा नगर पालिका की नेता प्रतिपक्ष संध्या राव अपने पार्षद साथियों के साथ निरीक्षण पर निकलीं। उन्होंने दो दुकानों में 1600 बोरी से अधिक खराब चावल मिलने का दावा किया।

संध्या राव ने बीजेपी सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा,

> "डबल इंजन की सरकार बनने के बाद कमीशनखोरी चरम पर है। गरीबों को घटिया राशन देकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।"



उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तीन महीने का चावल एक साथ देकर सरकार खराब चावल को खपाने का प्रयास कर रही है।


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"कांग्रेस करेगी उग्र आंदोलन" — संध्या राव

नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक में उग्र आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित भ्रष्टाचार है, जिसमें राइस मिलर्स, वेयरहाउस और अधिकारियों की मिलीभगत है।

इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ पार्षद रामरतन निषाद, हेमंत साहनी, अर्जुन साहू समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे।


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वेयरहाउस से ही आया सड़ा चावल! संचालकों ने भी बताया सच्चाई

राशन दुकानों के संचालकों ने बताया कि वेयरहाउस से ही यह सड़ा हुआ चावल भेजा गया है। सवाल यह है कि वेयरहाउस तक इतना घटिया चावल कैसे पहुंचा? कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने के कुछ तय मानक होते हैं, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर यह चावल खपाया जा रहा है।


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नपा अध्यक्ष की चुप्पी पर सवाल

संध्या राव ने आरोप लगाया कि नपा अध्यक्ष ओमकुमारी साहू चावल उत्सव की रैली में व्यस्त रहीं, जबकि उनके ही वार्ड की राशन दुकान में खराब चावल वितरित होता रहा। उन्होंने जनता के हित में कोई कदम नहीं उठाया और न ही वितरण को रोका।

> "अब सवाल यह है कि ‘उत्सव’ बड़ा है या ‘जनता की समस्या’?" — संध्या राव




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प्रशासन की प्रतिक्रिया

अभनपुर एसडीएम रवि सिंह ने बताया कि खराब चावल वापस करने का आदेश दिया गया है और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की गई है।

वहीं क्वालिटी इंस्पेक्टर राजू सोनी ने फोन पर अस्पताल में होने का हवाला देकर बात करने से इनकार कर दिया। MD हेलेन तिग्गा ने कहा कि मामला आपके माध्यम से प्रकाश में आया है, जांच के बाद जानकारी दी जाएगी।


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निष्कर्ष

‘चावल उत्सव’ सरकार की एक सराहनीय पहल थी, लेकिन ग्राउंड लेवल पर भ्रष्टाचार और लापरवाही ने इसे विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है। यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला एक बड़े घोटाले में बदल सकता है, जिससे सरकार की छवि को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।

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