रेत खदान की लापरवाही से मासूम बच्ची गिरी गड्ढे में, बाल-बाल बची; पिता ने कलेक्ट्रेट में लगाई गुहार
धमतरी, छत्तीसगढ़ — जिला धमतरी के ग्राम पंचायत दर्री से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। गांव के पास हो रही अवैध और गहरी रेत खुदाई के कारण एक मासूम बच्ची खदान के गहरे गड्ढे में गिरते-गिरते बच गई। बच्ची के पिता भीमलाल साहू इस घटना से बेहद आहत होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई।
20-25 फीट गहरी खाई, बच्चों और मवेशियों की जान पर खतरा
भीमलाल साहू ने बताया कि उनके गांव से महज 100 मीटर की दूरी पर रेत खनन का काम बिना सरकारी नियमों का पालन किए हो रहा है। 20 से 25 फीट तक गहरी खुदाई की जा रही है, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। आसपास के बच्चे, जो रोज नदी के किनारे खेलने जाते हैं, इस खतरे की चपेट में आ सकते हैं। कई मवेशी भी अब तक इन खाइयों में गिर चुके हैं।
बाल-बाल बची बच्ची, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
भीमलाल ने भावुक होकर बताया कि उनकी बच्ची हाल ही में हादसे का शिकार होते-होते बची है। “अगर समय पर न पहुंचता, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत और ग्राम विकास समिति इस विषय में आंख मूंदे हुए हैं। “संभव है कि उन्हें कुछ आर्थिक लाभ हो रहा हो, इसलिए वे चुप हैं,” भीमलाल ने आरोप लगाया।
खनन पर रोक की मांग, प्रशासन को दी चेतावनी
भीमलाल ने जिला प्रशासन को आवेदन सौंपते हुए मांग की है कि तत्काल गहरी खुदाई पर रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे कोई हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन का जवाब: जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह ने कहा कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है और आवेदन को खनिज विभाग को भेज दिया गया है। जांच के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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निष्कर्ष:
गांव दर्री में रेत खनन के कारण मासूमों की जान खतरे में है। यह घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन और पंचायत को चाहिए कि वे मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान करें, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।