सड़क सत्याग्रह के संयोजक डाक्टर योगेंद्र सिंह गहरवार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया कि शहर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने गड्ढों की तत्काल और टिकाऊ मरम्मत आवश्यक है। विशेषज्ञों से प्राप्त सुझाव के अनुसार गड्ढों को सीमेंट-गिट्टी मिश्रण से भरने पर मरम्मत दीर्घकालिक होगी और धूल की समस्या भी कम होगी। अनुमानित अतिरिक्त खर्च 10–20 लाख तक आएगा, परंतु यह स्थायी समाधान के लिए वांछनीय है।प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि शहर की मुख्य सड़कों का कंक्रीटीकरण समय की आवश्यकता है। डामर की सड़कों पर बार-बार होने वाली क्षति एवं ड्रेनेज समस्या (विशेषकर दरिमा मोड़, पीजी कॉलेज से रावत रेजिडेंसी मार्ग, सदर रोड, देवीगंज रोड आदि) को देखते हुए सांसद निधि तथा केंद्र से प्राप्त फंड का उपयोग कर प्रमुख सड़कों को कंक्रीट रोड में परिवर्तित करने का अनुरोध किया गया।ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि यदि राज्य अथवा केंद्र सरकार द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो सांसद स्वयं जन आंदोलन का नेतृत्व कर जनता की इस महत्वपूर्ण माँग को उच्च स्तर तक पहुँचाएँ। सड़क सत्याग्रह का उद्देश्य सरकार और प्रशासन को जागरूक कर स्थायी सुधार की दिशा में पहल करवाना है।सड़क सत्याग्रह प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद सांसद ने सड़क समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर तत्काल पहल करेंगे। उन्होंने अपने दिल्ली स्थित कार्यालय के प्रतिनिधि को राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े लंबित प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का कार्य सौंपा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की। सांसद ने यह भी बताया कि दरिमा मोड़ से अग्रसेन चौक, सदर रोड, महामाया चौक, देवीगंज रोड होते हुए आंबेडकर चौक से रेलवे स्टेशन तक लगभग 13 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को कंक्रीट सड़क बनाने हेतु वे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। सत्याग्रह के संयोजक डॉक्टर गहरवार ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त पैच के डामरीकरण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, किंतु स्वीकृति के लिए फाइल दिल्ली में लंबित है। सांसद ने आश्वासन दिया कि वे इस प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे और मंत्रालय स्तर पर हस्तक्षेप करेंगे।
सड़क सत्याग्रह की ओर से कहा गया कि नागरिक अब बार-बार आंदोलन करने को विवश नहीं होना चाहते। एक बार गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण हो, जिससे वर्षों तक राहत मिले, यही उनकी प्राथमिक अपेक्षा है। प्रतिनिधियों ने यह भी आग्रह किया कि सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा मरम्मत के बाद नियमित निगरानी की व्यवस्था हो, ताकि भविष्य में सड़कें पुनः खस्ताहाल न हों।इस अवसर पर सड़क सत्याग्रह के संयोजक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारिक संगठन के प्रतिनिधि, परिवहन संघ के सदस्य एवं नगर के बुद्धिजीवी वर्ग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जनजीवन की धुरी हैं। सड़कें सुधरने से व्यापार, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद, कृष्णानंद तिवारी ,लव कुमार व अन्य उपस्थित रहे।
योगेंद्र सिंह गहरवार
सड़क सत्याग्रह अंबिकापुर, सरगुजा छत्तीसगढ़
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