छत्तीसगढ़ में BPL राशनकार्डों की छंटनी शुरू: 1.51 लाख संदिग्ध में से 6,875 कार्ड निरस्त, अपात्र हितग्राहियों में हड़कंप

 

Ration card file photo Chhattisgarh today news 

छत्तीसगढ़ टुडे न्यूज। महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अपात्र होकर भी बीपीएल (BPL) कोटे का राशन ले रहे हितग्राहियों की बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू हो गई है। खाद्य विभाग द्वारा किए जा रहे सत्यापन (Verification) के बाद ऐसे लोगों के राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं, जिनके पास पाँच एकड़ से ज्यादा जमीन या ₹6 लाख से अधिक वार्षिक आय है। इस कार्रवाई से जिले के राशनकार्डधारकों में हड़कंप मच गया है।

सत्यापन में अब तक 9,100 कार्डधारक पाए गए अपात्र


खाद्य विभाग के सत्यापन अभियान में अब तक कुल 9,100 राशनकार्डधारी अपात्र पाए गए हैं। इनमें से 6,875 लोगों के राशनकार्ड निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि 2,223 कार्डों को निरस्त किया जाना अभी बाकी है। विभाग लंबे समय से अधिक संपत्ति होने के बावजूद बीपीएल कार्ड का लाभ ले रहे कार्डों का सत्यापन कर रहा है।


अपात्र कार्डधारकों को APL में किया जाएगा शामिल

सत्यापन में अपात्र पाए गए इन राशन कार्डधारकों को बीपीएल सूची से हटाकर एपीएल (APL) कार्ड दिया जाएगा। इस भौतिक सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया है कि कई राशन कार्ड सदस्यों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि कई लोग जिला या प्रदेश छोड़ चुके हैं, लेकिन फिर भी उनके नाम पर राशन जारी था।


संपत्ति के आधार पर निरस्तीकरण की स्थिति

जिले में विभिन्न मानदंडों के तहत बड़ी संख्या में कार्डधारकों की छंटनी की जा रही है। एक लाख से अधिक संदिग्धों में कार्रवाई की स्थिति इस प्रकार है:


पाँच एकड़ से अधिक भूमि वाले राशनकार्डधारक: जिले में ऐसे 1,36,955 कार्डधारक हैं। इनमें से 180 कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि 1,36,775 का सत्यापन अभी बाकी है।

₹6 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले राशनकार्डधारक: ऐसे 1,849 राशन कार्ड हैं। इनमें 889 कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं और 960 का सत्यापन शेष है।

आयकर (Income Tax) देने वाले राशनकार्डधारक: ऐसे 44 कार्डधारकों में से 21 लोगों के कार्ड निरस्त किए गए हैं और 23 पर कार्रवाई होना शेष है।

लगभग 1.51 लाख संदिग्ध कार्डों पर होगी जाँच


महासमुंद जिले में कुल 1,51,000 से अधिक राशन कार्ड संदिग्ध माने जा रहे हैं, जिनका सत्यापन किया जाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छंटनी प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी ताकि वास्तविक गरीब और जरूरतमंद लोगों को ही बीपीएल कोटे का लाभ मिल सके।


पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करना लक्ष्य

इस छंटनी अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और योग्य हितग्राहियों तक पहुँचे। भवन निर्माण निगम (MCA) के तहत भी 178 लोगों के राशनकार्डों का सत्यापन किया जाना शेष है। खाद्य विभाग की इस कार्यवाही से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

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