बिलासपुर में शुरू हुई तैयारी
बिलासपुर में उज्ज्वला योजना 3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर की अध्यक्षता में गैस एजेंसी संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंडियन ऑयल, भारत गैस और एचपी गैस कंपनियों के 30 से अधिक एजेंसी प्रतिनिधि शामिल है
13,761 हितग्राहियों को मिलेगा लाभ
बिलासपुर जिले को इस वर्ष 13,761 पात्र परिवारों को उज्ज्वला योजना का लाभ देने का लक्ष्य मिला है
अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे गांवों और पंचायतों में शिविर लगाकर पात्र परिवारों के दस्तावेज एकत्र करेंआवेदन तैयार करें और शीघ्र गैस कनेक्शन उपलब्ध कराएं
लक्ष्य: हर पात्र महिला तक उज्ज्वला का
खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने कहा कि योजना का उद्देश्य है
“कोई भी पात्र महिला परिवार उज्ज्वला योजना के लाभ से वंचित न रहे।” इसके लिए प्रशासन प्रचार-प्रसार और शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगा। पंचायतों के साथ मिलकर दस्तावेज सत्यापन और वितरण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। अब तक जिले में 2 लाख 94 हजार से अधिक परिवारों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिल चुका है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है
कौन ले सकता है उज्ज्वला योजना का लाभ
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के तहत गरीब और पात्र परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा
हालांकि, सरकार ने कुछ नए पात्रता मानदंड तय किए हैं
जिन परिवारों का कोई सदस्य प्रति माह ₹10,000 से अधिक कमाता हो, वे पात्र नहीं हैं
सरकारी कर्मचारी, टैक्स देने वाले व्यक्ति या व्यावसायिक उद्यम के मालिक इस योजना में शामिल नहीं होंगे
2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि वाले किसान या ₹50,000 से अधिक KCC सीमा वाले परिवार पात्र नहीं होंगे
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में निम्न अधिकारी उपस्थित रहे
हेमप्रकाश साहू (नोडल अधिकारी)
एफओ अजय मौर्य, राजीव लोचन तिवारी, सविता शर्मा, विनिता दास
फूड इंस्पेक्टर आशीष दीवान, मंगेशकांत, ललीता शर्मा, वर्षा सिंह, और वसुधा राजपूत
छत्तीसगढ़ के लिए योजना का महत्व
यह अभियान छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और गरीब परिवारों तक रसोई गैस पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है
इससे महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में भी एक अहम पहल है।।त्व।,,—री।।।—है।भ।— लाभ।,।भए।।
