छत्तीसगढ़: बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला की उसके ही देवर ने हत्या कर दी। वजह हैरान करने वाली है — देवर उस पर शादी का दबाव डाल रहा था, शादी से इंकार करने पर उसने अपनी भाभी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला कैसे शुरू हुआ
पुलिस के अनुसार, मृतका का नाम प्रीति सेमरे (35 वर्ष) था। वह दल्लीराजहरा के वार्ड नंबर 17 में रहती थीं। उनके पति की मौत कुछ साल पहले हो गई थी, जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के तहत नौकरी मिली थी। प्रीति एक पांच साल के बेटे की मां थीं और अपनी मां के साथ रहती थीं।
इसी दौरान, उनके देवर अमन सेमरे का घर पर आना-जाना बढ़ गया। शुरुआत में यह रिश्ता सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए। बताया जाता है कि पिछले तीन साल से दोनों के बीच यह रिश्ता चल रहा था।
शादी के दबाव से बढ़ा विवाद
जांच में सामने आया कि प्रीति अपने देवर अमन से शादी नहीं करना चाहती थीं। वह अमन चाहता थीं कि वो समाज और परिवार के सामने रिश्ते को स्वीकार करे। लेकिन प्रीति इस रिश्ते को सार्वजनिक करने के खिलाफ थी। कई बार इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ।
परिजनों और पड़ोसियों ने बताया कि अमन अक्सर शराब पीकर प्रीति के घर आता था। झगड़े की आवाजें पहले भी कई बार सुनी गई थीं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। धीरे-धीरे यह झगड़े हिंसक होने लगे।
घटना वाली रात क्या हुआ
2 अक्टूबर की शाम को प्रीति की मां और बेटा गांव गए हुए थे। घर में सिर्फ प्रीति थीं। बताया जाता है कि उसी शाम अमन घर आया और दोनों ने शराब पी और उनके बीच फिर बहस शुरू हुई। पुलिस का कहना है कि जब अमन ने फिर शादी की बात की, और भाभी ने मना किया तो गुस्से में उसने प्रीति का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद अमन ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब मां और बेटा लौटे तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोसियों ने मदद की और अमन को बाहर निकलते देखा। वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस की कार्रवाई - देवर गिरफ्तार
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे के अंदर प्रीति का शव पड़ा था। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया और सबूत जुटाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी अमन सेमरे को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मोबाइल फोन, कपड़े और घटनास्थल से मिले अन्य सबूत जब्त कर लिए हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
मां और बेटे पर टूटा दुखों का पहाड़
प्रीति की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। वह अपने बेटे की परवरिश और नौकरी के बीच जिंदगी संभालने की कोशिश कर रही थी। लेकिन देवर की बेरहमी ने सब खत्म कर दिया।
प्रीति का छोटा बेटा अभी यह भी नहीं समझ पा रहा कि उसकी मां अब कभी नहीं लौटेगी। परिवार और रिश्तेदारों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पड़ोसियों की जुबानी
पड़ोसियों ने बताया कि अमन कई बार रात में घर आता था। “हमने पहले भी झगड़े की आवाजें सुनी थीं, लेकिन सोचा कि पारिवारिक मामला है,” एक पड़ोसी ने कहा।
“अगर हम पहले कुछ बोल देते या पुलिस को बता देते, तो शायद आज प्रीति जिंदा होती,” दूसरे पड़ोसी ने कहा।
अवैध संबंधों के बढ़ते खतरे
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अवैध संबंध और शादी का दबाव आम वजह बनते जा रहे हैं। जब रिश्ते समाज और परिवार की स्वीकृति के बिना बनते हैं, तो अंत में विवाद और हिंसा में बदल जाते हैं।
महिलाओं पर सामाजिक और भावनात्मक दबाव अधिक होता है। कई बार वे अपने अधिकारों या भावनाओं के लिए आवाज उठाती हैं, लेकिन समाज या साथी उन्हें नहीं समझ पाते। यही स्थिति हिंसा या हत्या का कारण बन जाती है।
पुलिस और समाज की भूमिका है महत्वपूर्ण
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिर्फ पुलिस नहीं, बल्कि समाज को भी जागरूक होना होगा। पड़ोसियों को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि अगर किसी घर में लगातार झगड़े या हिंसा की आवाजें आती हैं, तो वे समय रहते रिपोर्ट करें।
पुलिस भी ऐसे मामलों में जल्द हस्तक्षेप करे और महिला को सुरक्षा दे। स्थानीय महिला सेल, समाजसेवी संस्थाएं और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी ऐसे मामलों में मदद कर सकते हैं।
प्रीति सेमरे की हत्या केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि एक सामाजिक त्रासदी है। यह बताती है कि जब प्यार, दबाव और स्वार्थ एक साथ आते हैं, तो नतीजा कितना खतरनाक हो सकता है। एक महिला, जिसने अपने पति को खोया, अपने बेटे के लिए संघर्ष किया - आखिरकार उसी के रिश्तेदार ने उसकी जान ले ली।
आज जरूरत है कि समाज ऐसे मामलों से सबक ले। रिश्तों में पारदर्शिता, सम्मान और सहमति जरूरी है। वरना प्रेम और भरोसे के नाम पर हिंसा की कहानियां यूं ही दोहराई जाती रहेंगी।
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