कुरूद में किसानों की मेहनत राख बनी – बगदेही में फिर सुलगी 'धान की आग'


कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम बगदेही में एक बार फिर किसानों की उम्मीदों का आसमान धुएँ में बदल गया...... शुक्रवार की रात अचानक खेतों में रखी धान की खरही में आग भड़क उठी - और देखते ही देखते किसानों की महीनों की मेहनत खाक हो गई..... बताया जा रहा है कि किसान सुधीर साहू, कृष्णा साहू, परदेशी राम और गिरधर साहू ने अपने खेतों में कटाई के बाद धान की चार अलग-अलग खरही बनाई थी...... रात लगभग 8 बजे किसी अज्ञात असामाजिक तत्व ने इन खरहियों को आग के हवाले कर दिया..... कुछ ही पलों में लपटें इतनी तेज़ हुईं कि 80 क्विंटल धान जलकर राख हो गया...... गांव में अफरा-तफरी मच गई - लोग बाल्टियों और टैंकरों से पानी लाने दौड़े, लेकिन खार भूमि में आग तक पहुँचना आसान नहीं था...... यह पहली घटना नहीं है..... कुछ दिन पहले भी इसी गाँव में एक किसान के धान में रहस्यमयी आग लगी थी..... लगातार हो रही आगजनी से किसानों में खौफ़ और गुस्सा दोनों है। उनका कहना है कि

"ये कोई हादसा नहीं, हसरतों को जलाने की साज़िश है।"
पीड़ित किसान सुधीर साहू (75 डिसमिल), गिरधर साहू (75 डिसमिल), कृष्णा साहू (70 डिसमिल) और परदेशी साहू (1 एकड़) ने द्वेषपूर्ण भावना से की गई इस वारदात की शंका जताई है..... उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर सख़्त कार्रवाई और क्षतिपूर्ति की माँग की है।
गांव का माहौल अभी भी सहम और सन्नाटे से भरा है जहाँ कभी धान की खुशबू थी, वहाँ अब सिर्फ़ राख और धुआँ बचा है...

और हर किसान की आँखें पूछ रही हैं

आख़िर हमारी फसलें ही निशाना क्यों?

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