नवंबर 2026 में होने वाली एक शाही शादी। उदयपुर का एक आलीशान महल 17 करोड़ रुपये में बुक हो चुका था। मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए दो स्पेशल विमानों का इंतजाम था। शादी से पहले होने वाली मंगेतर का जन्मदिन मनाने के लिए महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिजॉर्ट में 40 कमरे बुक थे। दूल्हा और दुल्हन का परिवार करोड़ों के इस जश्न की तैयारियों में डूबा था।
लेकिन 18 जून 2026 की सुबह पुणे के पास लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) से एक दिल दहला देने वाली खबर आती है। खबर मिलती है कि 26 वर्षीय अमीर बिजनेसमैन केतन अग्रवाल का पैर फिसल गया और वह 350 फीट गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। मंगेतर रोते-बिलखते हुए पुलिस को बताती है कि फोटो खींचते वक्त तेज हवा के कारण यह हादसा हुआ। वह सोशल मीडिया पर केतन के लिए भावुक पोस्ट लिखती है।
सब कुछ एक सामान्य दुर्घटना जैसा लग रहा था। लेकिन जब पुलिस ने मंगेतर के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड्स खंगाले, तो जो सच बाहर आया उसने पूरे देश को सुन्न कर दिया। वो कोई हादसा नहीं था, बल्कि प्यार, धोखे और लालच का एक ऐसा ब्लूप्रिंट था, जिसकी कल्पना शायद सिर्फ फिल्मों में ही की जा सकती है।
केतन विशाल अग्रवाल पुणे के गहुंजे इलाके में रहते थे और अपने परिवार के कंस्ट्रक्शन व रियल एस्टेट बिजनेस के डायरेक्टर थे। वह एक होनहार, शांत और अनुभवी ट्रेकर भी थे। फरवरी 2026 में उनका रिश्ता 20 साल की सिया गोयल से तय हुआ था।
दोनों परिवारों की मर्जी से हुई इस सगाई के बाद केतन और उनका परिवार सिया को बहुत प्यार देता था। केतन की मां अक्सर सिया को शॉपिंग और डिनर पर ले जाती थीं। पूरा परिवार इस शादी को लेकर बेहद उत्साहित था और पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा था।
लेकिन सिया इस शादी से खुश नहीं थी, जिसका अंदाजा केतन के परिवार को बिल्कुल नहीं था। सिया पिछले करीब एक साल से पुणे के कोंढवा इलाके के रहने वाले 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ गुप्त प्रेम संबंध में थी, जो एक छोटी सी दुकान चलाता था।
सिया इस अरेंज्ड मैरिज को तोड़ना चाहती थी, लेकिन उसने अपने परिवार के सामने शादी से मना करने के बजाय एक बेहद खौफनाक रास्ता चुना। उसने और उसके प्रेमी चेतन ने मिलकर फैसला किया कि अगर केतन को रास्ते से हमेशा के लिए हटा दिया जाए, तो यह शादी अपने आप रुक जाएगी। इसके बाद दोनों ने मिलकर केतन की हत्या का प्लान बनाना शुरू किया।
केतन के अंतिम संस्कार के बाद, जब पुलिस ने सिया के हाव-भाव देखे, तो केतन के पिता विशाल अग्रवाल को कुछ अजीब लगा。 सिया के चेहरे पर अपने होने वाले पति को खोने का कोई गहरा दुख नहीं दिख रहा था। जब पुलिस ने गहरा शक होने पर जांच आगे बढ़ाई, तो कॉल डेटा रिकॉर्ड्स (CDR) ने इस पूरी मिस्ट्री को सुलझा दिया।
पुलिस जांच के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 18 जून 2026 के बीच (सिर्फ 6 महीनों में) सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के बीच 2,004 बार फोन पर बात हुई थी। दोनों ने कुल मिलाकर 238 घंटे फोन पर बिताए थे। इतने भारी कॉल्स और चैट रिकॉर्ड्स देखकर पुलिस समझ गई कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि 18 जून से पहले भी केतन को मारने की कोशिश की जा चुकी थी। 14 जून को सिया केतन को उसी लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के बहाने ले गई थी। वहां उसने चुपके से केतन को पहाड़ी के किनारे से धक्का दे दिया था।
लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन नीचे गिरने के बजाय एक मजबूत पेड़ की डालियों में फंस गए और उनकी जान बच गई। जब केतन ने हैरान होकर सिया से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया, तो सिया ने तुरंत कहानी गढ़ दी। उसने कहा, "वहां एक जहरीला सांप था, मैं तुम्हें सांप से बचा रही थी और हड़बड़ी में मेरा हाथ तुम्हें लग गया।" सीधे सादे केतन ने अपनी मंगेतर की इस बात पर भरोसा कर लिय।
14 जून के हादसे के बाद केतन दोबारा उस किले पर जाने से हिचकिचा रहे थे। लेकिन सिया ने अपने जाल में उन्हें दोबारा फंसाया। 20 जून को सिया का जन्मदिन था, और उसने जिद की कि वह अपना प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन दोस्तों के साथ उसी किले पर करना चाहती है। उसने केतन की मां को भी फोन करके मनाया कि वे केतन को उसके साथ भेज दें।
18 जून की सुबह करीब 8:20 बजे केतन घर से निकले। इस बार सिया के साथ उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी वहां पहले से घात लगाकर छिपा हुआ था। जैसे ही केतन किले की एक गहरी खाई वाले पॉइंट के पास पहुंचे, मौका देखकर सिया और चेतन ने मिलकर उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। इस बार कोई पेड़ बीच में नहीं आया, और केतन सीधे 350-400 फीट गहरी खाई में जा गिरे, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
हत्या को अंजाम देने के बाद सिया ने बेहद शातिर तरीके से खुद को पीड़ित दिखाने का नाटक किया। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए रोने का ढोंग किया और इंस्टाग्राम पर केतन के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि "तुम मुझे इतनी जल्दी छोड़ कर क्यों चले गए?"
लेकिन पुलिस ने जब तकनीकी सबूत जुटाए, तो पाया कि वारदात के समय सिया का इंटरनेट जानबूझकर बंद किया गया था और केतन का पासपोर्ट भी गायब था। जब पुलिस ने प्रेमी चेतन चौधरी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मंगेतर सिया गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया और दोनों मुख्य आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। केतन के पिता विशाल अग्रवाल और उनका पूरा परिवार आज भी इस सदमे से उबर नहीं पाया है। उनका कहना है कि "अगर वह शादी नहीं करना चाहती थी, तो सीधे मना कर देती, हम खुशी-खुशी रिश्ता तोड़ देते, लेकिन उसने मेरे बेटे की जान क्यों ली?"
अदालत में केस के ट्रायल की शुरुआत होने वाली है और केतन का परिवार दोनों आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहा है। देखना यह है कि कानून के इस शिकंजे से क्या कोई और चेहरा बेनकाब होगा, या फिर यह खौफनाक कहानी सिया और चेतन की सजा के साथ यहीं दफन हो जाएगी?