छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बारिश से कच्चे मकान की एक दीवार ढह गई, हादसे में 2 बच्चियों की मौत हो गई। राऊरपुर गांव में शनिवार रात भर बारिश हुई, रविवार सुबह यह हादसा हुआ। वंशिका कोसले (12) और राधिका कोसले (9) घर के आंगन में दोनों खेल रही थीं,
तभी मलबे में दब गई। इसमें एक महिला घायल हुई है।
वहीं, सुकमा जिले के कुकानार गांव में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, 4 अन्य घायल हैं। सभी युवक खेत में काम करने के बाद बारिश से बचने के लिए इमली के पेड़ के नीचे बैठे थे। तभी दोपहर 3 बजे आंधी के साथ बिजली गिरी। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अजय नाग (18) ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने, तूफान की चेतावनी जारी की है। अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।
फिलहाल, मानसून प्रदेश के करीब 80% हिस्से को कवर कर चुका है। बस्तर में बारिश को लेकर सबसे बेहतर स्थिति है, फिर भी यहां 54% तक कम पानी गिरा है। वहीं राजनांदगांव समेत कई जिलों में 80% तक कम बारिश हुई है।
कहां कितनी बारिश हुई
सबसे ज्यादा 50 MM बारिश मुंगेली में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दरभा में 40 MM, गुंडरदेही, अर्जुदा और कोंटा में 30-30 MM बारिश हुई। रायगढ़, अकलतरा, प्रेमनगर, मनोरा, करपावंड, पथलगांव, अहिवारा, गुरूर, दुर्ग और दोरनापाल सहित कई क्षेत्रों में 20-20 MM बारिश दर्ज की गई।
वहीं अंबागढ़ चौकी, जगदलपुर, बलरामपुर, धरसींवा, गरियाबंद, बस्तर, भानुप्रतापपुर क्षेत्र के कुछ इलाकों समेत कई स्थानों पर 10-10 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश में शनिवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रहा।
रायपुर में कैसा रहा मौसम
पिछले 24 घंटे के दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। रायपुर के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश हुई। फुंडहर चौक में झमाझम बादल बरसे, जबकि VIP चौक सूखा रहा, जबकि दोनों इलाके आसपास ही है।
अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा
मानसून
मानसून अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंच चुका है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं।
इन जिलों में एंट्री बाकी
सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ में मानसून नहीं पहुंचा है। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है।
हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है।
बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति, फिर भी 54% तक कम वर्षा
प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है:
बस्तर जिलाः यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम)
दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम)
सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है।
कोंडागांव, बीजापुरः कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता
रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम
धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
महासमुंदः 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी
बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी
राजधानी समेत आसपास के जिलों में 70-80% कम बारिश
जिला. बारिश
रायपुर 72%
धमतरी 70%
दुर्ग. 70%
गरियाबंद. 68%
महासमुंद. 80%
बलौदाबाजार -83%
कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी
राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति) मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम
बलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी
सक्ती: 83% कम
बारिश से गिरी जर्जर दीवार, दो बच्चियों की मौत: बेमेतरा के राउरपुर गांव की घटना, महिला भी चपेट में आई, हालत गंभीर छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बारिश से पुराने कच्चे मकान की जर्जर दीवार अचानक गिर गई। दीवार के नीचे दबने से दो बहनों की मौत हो गई, जबकि उसकी बुआ गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना बेमेतरा थाना क्षेत्र के राऊरपुर गांव की है।