कांकेर में पेड़ पर गिरी बिजली, रायगढ़ में बरसे बादल: अगले 5 दिन बारिश का अलर्ट, प्रदेश में सामान्य से 69% कम बरसा पानी

छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा क्षेत्र से हुई मानसून की एंट्री ने आधे से ज्यादा हिस्से को कवर कर लिया है। रायगढ़ में दिन भर धूप के बाद मंगलवार शाम अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। वहीं, सोमवार को कांकेर जिले में भंडारी पारा मार्ग पर नदी किनारे बिजली गिरने से एक पेड़ में आग लग गई थी। 

मौसम एक्सपर्ट के मुताबिक, 1 जून से अब तक राज्य में 108.2 मिमी (4.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 33.2 मिमी (1.3 इंच) वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से करीब 69% कम है।

विभाग ने अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। आने वाले दिनों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति; फिर भी 54% तक कम वर्षा

प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है:

बस्तर जिलाः यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम)

दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम)

सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है।

कोंडागांव, बीजापुरः कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता

रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% घाटा

धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी

दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी

महासमुंदः 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी

बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी

कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी

राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% घाटा (सबसे गंभीर स्थिति)

मोहला-मानपुर-चौकी: 95% घाटा

बलौदाबाजार व सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी

सक्ती: 83% घाटा
खरीफ सीजन के लिए अगले 10 दिन अहम

बारिश के मौजूदा आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि मानसून की एंट्री देर से और कमजोर रही है। अधिकांश जिलों में अभी तक बुवाई के लिए जरूरी नमी पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाई है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। यदि जून के अंतिम सप्ताह में व्यापक और अच्छी बारिश होती है, तो प्रदेश में बना वर्षा घाटा तेजी से कम हो सकता है।

2 से 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ेगा पारा

मध्य छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान है। सोमवार को सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान जगदलपुर में 22.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

रायपुर में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार आज (23 जून) रायपुर में बादल छाए रहेंगे। बारिश और गरज-चमक की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मानसून की एंट्री के बाद सिस्टम मजबूत हुआ है

दंतेवाड़ा से मानसून के प्रवेश की यह तस्वीर दिखाती है कि नमी से भरे मानसूनी बादल अब छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से तक पहुंच चुके हैं। विशेषकर बस्तर संभाग, रायपुर संभाग, बिलासपुर संभाग के दक्षिणी हिस्से में बादलों की अच्छी मौजूदगी दिख रही है।


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