छत्तीसगढ़ में मौसम तेजी से बदल रहा है। भीषण गर्मी और हीटवेव के बाद शुरू हुई प्री मानसून गतिविधियों के चलते पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में तापमान में 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। गरियाबंद में सर्वाधिक 30 मिमी वर्षा हुई, जबकि सुकमा और रामानुजनगर में 20-20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में रिकॉर्ड हुआ। वहीं रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान घटकर 38.9 डिग्री सेल्सियस रह गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश, झारखंड और ओडिशा क्षेत्र में सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरणों के प्रभाव से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुई हैं। अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा, वज्रपात और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
दो सिस्टम सक्रिय, इसी से प्री-मानसून एक्टिवः मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मौसम के इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह दो सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण हैं। पहला सिस्टम दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में तथा दूसरा दक्षिण गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के आसपास बना हुआ है। इन सिस्टमों के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी पहुंच रही है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है और प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हुई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश में मेघगर्जन, वज्रपात, तेज हवा और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
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