ओवररेटिंग: 60 रुपए तक महंगी बेच रहे थेशराब, 4 एसआई सस्पेंड, 8 अफसरों को नोटिस

छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों की जेब पर डाका डालने वाले 'ओवररेटिंग सिंडिकेट' के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते के औचक निरीक्षण के बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने लापरवाही बरतने वाले मैदानी अमले पर निलंबन-नोटिस की गाज गिराई है।

विभागीय जांच में पुष्टि हुई कि रायपुर से लेकर धमतरी तक सेल्समैन ग्राहकों से मनमानी कीमत वसूल रहे थे। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने नकली ग्राहक बनकर अलग-अलग जिलों की दुकानों पर दबिश दी, जहां शासन द्वारा निर्धारित दर से 10 रुपए से लेकर सीधे 60 रुपए तक ज्यादा वसूली का खुलासा हुआ।

इस गंभीर अनियमितता पर आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने सख्त रुख अपनाया है। लापरवाही बरतने और 'सिविल सेवा आचरण नियम' के उल्लंघन के आरोप में चार आबकारी उप निरीक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है।

बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए रायपुर, धमतरी, खैरागढ़ और बलौदाबाजार के जिला आबकारी अधिकारियों और सहायक जिला आबकारी अधिकारियों समेत 8 को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषप्रद न होने पर निलंबन की चेतावनी दी गई है।

मिलावट भी, धमतरी डीईओ की दोहरी लापरवाही :

धमतरी जिले में सिर्फ ओवररेटिंग ही नहीं, बल्कि शराब में मिलावट का मामला भी सामने आया है। बागबहरा की दुकान में शराब में मिलावट करने के कारण मुख्य विक्रेता और अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। इस गंभीर गड़बड़ी को न रोक पाने के कारण जिला आबकारी अधिकारी निरुपमा लोहारे को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।

राज्य स्तरीय उड़नदस्ते की जांच में शराब दुकानों में ओवररेटिंग पाई गई है। हमने वरिष्ठ अधिकारियों की भी जवाबदेही तय कर उन्हें नोटिस जारी किया है। औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

-पीएस एल्मा, आबकारी आयुक्त

इन सब-इंस्पेक्टरों को किया सस्पेंड

नाम

जिला

वजह

कौशल किशोर सोनी

रायपुर

फाफाडीह में 20 रु. ज्यादा वसूली

पुरुषोत्तम सिन्हा

धमतरी

कुरुद में 60 रु. की ओवर रेटिंग

प्रभाकर सिरमौर

खैरागढ़

कान में 10 रु. अधिक वसूली

मनराखन नेताम

बलौदाबाजार

हिरमी में 30 रु. की ओवर रेटिंग

कहीं चिल्हर का बहाना, कहीं स्कैनर खराब

छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग अब सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि एक संगठित खेल बन चुका है। अक्सर 'चिल्हर नहीं है' या 'बोतल ठंडी है' जैसे बहानों से प्रति 10 से 50 रुपए अतिरिक्त वसूले जाते हैं।

ऑनलाइन पैसे न लेने पड़ें इसके लिए बोर्ड तक लगा देते हैं कि यूपीआई मशीन बंद है। धमतरी में तो 1440 की बोतल को सीधे 1500 रुपए में बेचा जा रहा था। यह अवैध वसूली सीधे सेल्समैन से लेकर ऊपरी स्तर तक 'हिस्सेदारी' के शक के घेरे में है।

विभाग ने इस बार नकली ग्राहक भेजकर इस सिंडिकेट की कमर तोड़ी है। जिला आबकारी अधिकारियों को दिया गया नोटिस साफ संकेत है कि अब ऊपरी अमला भी इस पूरी गड़बड़ी में मिला हुआ है।

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