अमेरिका के मंच से गूंजा ‘जय जोहार', छोटी करेली की बेटी आरना साहू का UC Berkeley में चयन

धमतरी। जिले के छोटी करेली गांव से जुड़ी आरना साहू ने अमेरिका में अपनी उपलब्धियों से परिवार, समाज, छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन किया है। आरना का चयन अमेरिका के प्रतिष्ठित University of California, Berkeley में Computer Science में स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए हुआ है। भारत के संदर्भमें इसे B.E./B.Tech Computer Science जैसे उच्च स्तरीय तकनीकी पाठ्यक्रम के रूप में समझा जा सकता है।

UC Berkeley को अमेरिका का नंबर 1 सार्वजनिक विश्वविद्यालय माना जाता है, इसलिए वहां Computer Science जैसे प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में चयन होना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। Berkeley का Computer Science कार्यक्रम भी देश के शीर्ष कार्यक्रमों में गिना जाता है।

अमेरिका में हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी होने पर आयोजित Graduation Ceremony विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस समारोह में छात्र पारंपरिक कैप और गाउन पहनते हैं, उन्हें सम्मानित किया जाता है, और चुने हुए विद्यार्थियों को मंच से स्वागत भाषण देने का अवसर मिलता है।

आरना साहू को Prospect High School द्वारा प्रतिष्ठित L. J. Hill Lawrence Award से भी सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें चार वर्षों के दौरान उत्कृष्ट छात्र नेतृत्व, विद्यालय के प्रति गहरे समर्पण और स्कूल समुदाय पर सकारात्मक प्रभाव के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान आरना की नेतृत्व क्षमता, मेहनत और विद्यालय के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है।

पढ़ाई और नेतृत्व के साथ-साथ आरना साहू एक पॉडकास्ट चैनल भी चलाती हैं, जिसका उद्देश्य युवा लड़कियों और महिलाओं को Technology और STEM के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उनके प्रयास यह दर्शाते हैं कि वे केवल अपनी सफलता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
आरना की यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ी पहचान के संरक्षण का भी सुंदर उदाहरण है। विदेश में बसे प्रवासी भारतीय परिवार अपनी भाषा, परंपराओं और संस्कारों को संजोकर नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं। आरना ने अमेरिका के मंच से 'जय जोहार' और 'नमस्ते' कहकर यही संदेश दिया कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही सच्ची पहचान है।

परिवारजन राजेश्वर साहू, वंदना साहू, आरूषि साहू का कहना है कि आरना ने यह साबित किया है कि मेहनत, अनुशासन, नेतृत्व और अपनी संस्कृति से जुड़े रहकर कोई भी विद्यार्थी बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। आरना की यह उपलब्धि छोटी करेली गांव, धमतरी, छत्तीसगढ़ और भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा है।

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