मेघा-खैरझिटी मार्ग पर 2 किमी में कई गड्ढे

मेघा से खैरझिटी मार्ग की जिम्मेदारी को लेकर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग और पीडब्ल्यूडी के बीच स्थिति साफ नहीं है। इसका नुकसान आम लोगों को हो रहा है। सड़क जर्जर हो चुकी है। करीब 2 किमी हिस्से में कई गहरे गड्ढे हैं। लोगों को रोज - आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मार्ग से मेघा, - करेलीछोटी, राजपुर, पहंदा, कुंडेल, भोथा, हरदी सहित दर्जनों गांवों में रेत खनन का डंप कर भारी वाहनों से परिवहन किया जा रहा है। - कार्रवाई को लेकर माइनिंग विभाग पर मौन रहने का आरोप है।

मेघा महानदी पुल 21 सितंबर 2024 को टूटने के बाद कुरूद जाने के लिए इसी मार्ग से वाहन 24 घंटे चल रहे हैं। मेघा से खैरझिटी मार्ग पहले प्रधानमंत्री 

मगरलोड। सड़क जर्जर होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

ग्रामीण सड़क विभाग के अधीन था। 2026-27 में 6-7 करोड़ की लागत से नई सड़क निर्माण की स्वीकृति के बाद टेंडर हो चुका है। टेंडर लगने से पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग ने सड़क पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दी। टेंडर पीडब्ल्यूडी ने किया है। जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए कोई विभाग मौके पर नहीं पहुंच रहा है। नई सड़क की 6-7 करोड़ की स्वीकृति पर जनप्रतिनिधि वाहवाही ले रहे हैं। जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने सार्वजनिक बयान देकर मांग नहीं की। यह मार्ग स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और आम लोगों के लिए आवागमन का एकमात्र साधन है

लिखित प्रतिवेदन दिया

पीडब्ल्यूडी के एसडीओ आरके शुक्ला ने कहा, मेघा से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 2026-27 में नई सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने टेंडर किया है। काम शुरू होने से पहले तक सड़क मरम्मत का काम प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग से कराने के लिए लिखित प्रतिवेदन दिया गया है।

पीडब्ल्यूडी को सौंपा

पीएमजीएसवाई के एसडीओ योगेश ने कहा, मेघा से खैरझिटी मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर किया जा चुका है। नए काम के शुरू होने से पहले मरम्मत की गई थी। यह मार्ग 10 से 12 टन क्षमता का है। 40 से 50 टन के रेत-भरे भारी वाहन चल रहे हैं। व्यवस्था कर जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।

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