उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन बारिश का अलर्ट: बिजली गिरने की चेतावनी, बांगो डैम के 5 गेट खुले, गांवों में कराई मुनादी

छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सरगुजा संभाग में कुछ जगहों पर भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश में सीजन की बारिश सामान्य से 9% कम है।

कोरबा में लगातार बारिश के बीच मिनीमाता बांगो डैम का जलस्तर 92.48% पहुंच गया है। एहतियातन 5 गेट खोलकर 3005 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा गया। इसके बाद प्रशासन ने बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। नदी किनारे बसे 35 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है।

कोरबा के इन गांवों में बाढ़ का अलर्ट

मिनीमाता बांगो डैम के 5 गेट खोले जाने के बाद प्रशासन ने जिले के 35 गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। इनमें बांगो, चर्रा, पोड़ी-उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, दुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला शामिल हैं।

कोटाडोल में 130 एमएम बारिश

पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश कोटाडोल में 130 एमएम रिकॉर्ड हुई। शंकरगढ़ और पोड़ी उपरोड़ा में 110-110 एमएम बारिश हुई। सन्ना, दौरा कोचली और रघुनाथनगर में 80-80 एमएम, जबकि जनकपुर-भरतपुर में 70 एमएम बारिश दर्ज की गई।

बलरामपुर, वाड्रफनगर, चलगली और सामरी में 60-60 एमएम बारिश हुई। रतनपुर, कुनकुरी, बेलतरा, पचपेड़ी, भैसमा, कोरबा, बेलगहना, मनोरा, सकरी और मस्तूरी में पाली, बगीचा, रामचंद्रपुर, दुलदुला, सीपत, करतला और जगदलपुर में 40-40 एमएम बारिश हुई। पेंड्रा, रामानुजगंज, मनेंद्रगढ़, कांसाबेल, कुसमी, कोंटा, बस्तर, जशपुरनगर, नवागढ़, मरवाही, पामगढ़, केल्हारी, पेंड्रा रोड, चांदो, बिलासपुर, अकलतरा, टोकापाल, सकरी, सकौला, बैकुंठपुर और खड़गवां में 30 एमएम तक बारिश रिकॉर्ड हुई।

आज भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है।

बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर बन सकता है

दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन करीब 4.5 किमी की ऊंचाई तक फैला है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 12 घंटे में यह कमजोर हो सकता है।

वहीं, नॉर्थ-वेस्ट बंगाल की खाड़ी में 5.8 से 7.6 किमी की ऊंचाई पर एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके असर से अगले 48 घंटे में नॉर्थ बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है।

इसके अलावा करीब 22° नॉर्थ लैटीट्यूड के आसपास शियर जोन भी बना हुआ है। इन सिस्टम के असर से उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।

रायपुर में बादल, बारिश के आसार

रायपुर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 30°सी और न्यूनतम तापमान 25°सी के आसपास रह सकता है।

प्रदेश में सबसे ज्यादा मैक्सिमम टेम्परेचर 31.6°सी दुर्ग में और सबसे कम मिनिमम टेम्परेचर 22°सी पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।

ओवरऑल छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य बारिश

छत्तीसगढ़ में 1 जून से 13 अगस्त तक कुल 668.8 मिमी (26.3 इंच) बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 734.4 मिमी (28.9 इंच) होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 65.6 मिमी (2.6 इंच) कम बारिश हुई है।

बारिश में कमी का स्तर 9 प्रतिशत है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की कुल बारिश अभी सामान्य श्रेणी में है।

नारायणपुर में सबसे ज्यादा बारिश

जिलेवार देखें तो नारायणपुर में सबसे ज्यादा 1043.9 मिमी (41.1 इंच) बारिश दर्ज हुई है। यहां सामान्य बारिश 780.7 मिमी (30.7 इंच) है, यानी सामान्य से 34 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 948.2 मिमी (37.3 इंच), बीजापुर में 870.6 मिमी (34.3 इंच), जांजगीर में 857.3 मिमी (33.8 इंच) और महासमुंद में 835.6 मिमी (32.9 इंच) बारिश हुई है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यहां सामान्य बारिश 598.2 मिमी (23.6 इंच) के मुकाबले 948.2 मिमी (37.3 इंच) बारिश दर्ज हुई। यानी बारिश 59 प्रतिशत ज्यादा रही। इसके बाद नारायणपुर में 34 प्रतिशत, मुंगेली में 32 प्रतिशत, बलौदाबाजार में 28 प्रतिशत, महासमुंद में 26 प्रतिशत और जांजगीर में 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।

सरगुजा में सबसे ज्यादा कमी

प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश की कमी सरगुजा में 51 प्रतिशत है। यहां सामान्य 773.2 मिमी (30.4 इंच) के मुकाबले सिर्फ 379.6 मिमी (14.9 इंच) बारिश हुई है। इसके बाद जशपुर में 45 प्रतिशत, बेमेतरा में 40 प्रतिशत, कांकेर में 35 प्रतिशत, सूरजपुर में 22 प्रतिशत और बस्तर और कबीरधाम में 21-21 प्रतिशत कमी है।

रायपुर में सामान्य से 13 प्रतिशत ज्यादा बारिश

राजधानी रायपुर में 13 अगस्त तक 727.8 मिमी (28.7 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 641.9 मिमी (25.3 इंच) है। यानी 85.9 मिमी (3.4 इंच) ज्यादा बारिश हुई है और बारिश सामान्य से 13% अधिक है। प्रदेश के 33 जिलों में 20 जिले सामान्य बारिश की स्थिति में हैं, 6 जिलों में सामान्य से ज्यादा और 7 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

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