धमतरी/मगरलोड – अक्सर फिल्मों के संवादों, सरकारी भाषणों और पुलिसिया दावों में यह जुमला पूरी ठसक के साथ उछाला जाता है कि “पुलिस के हाथ बहुत लंबे होते हैं” और कानून की नजर से कोई भी अपराधी बच नहीं सकता। लेकिन धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम बेलरदोना में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने इस मुहावरे की जमीनी हकीकत खोल कर रख दी है। यहाँ एक गरीब और बेसहारा बुजुर्ग महिला के गले से दिनदहाड़े सोने की माला लूट ली गई। पूरी वारदात का साक्ष्य सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में भी कैद हुआ, मगर घटना के 8 महीने बीत जाने के बाद भी मगरलोड पुलिस के ये “लंबे हाथ” एक अदद हेलमेटधारी लुटेरे तक नहीं पहुँच पाए हैं। पीड़ित परिवार का सीधा कहना है कि महिला के गरीब होने के कारण पुलिस के हाथ बौने साबित हो रहे हैं, जबकि किसी रसूखदार के मामले में यही हाथ पाताल से भी आरोपी को खींच लाते हैं।धोखे से लूटी बुजुर्ग महिला की गाढ़ी कमाई घटना पिछले वर्ष 8 दिसंबर 2025 की है। ग्राम बेलरदोना निवासी 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्रीमती मानबाई साहू, पति नोहर राम साहू, अपने घर के सामने मौजूद थीं। तभी दिनदहड़े दोपहर लगभग 2 बजे एक अज्ञात मोटरसाइकिल सवार लुटेरा वहां आ धमका। चेहरे पर हेलमेट लगाए इस शातिर अपराधी ने बुजुर्ग महिला को झांसे में लेने के लिए अपने मोबाइल में एक तस्वीर दिखाई और पूछा कि “क्या यह आप जानते है ?” जैसे ही भोली-भाली बुजुर्ग महिला मोबाइल की स्क्रीन को देखने के लिए आगे बढ़ीं, लुटेरे ने पूरी ताकत से उनके गले पर झपट्टा मार दिया। आरोपी ने दो नग सोने का मराठी लॉकेट और चार नग सोने के गेहूं दाने वाली कीमती माला (वजन लगभग 5 ग्राम, अनुमानित कीमत पुलिस के अनुसार 35,000 वर्तमान कीमत 70000 तक ) खींच ली। महिला और उनकी बहू जब तक शोर मचाते हुए पीछे दौड़ीं, अपराधी अपनी बाइक स्टार्ट कर रफूचक्कर हो चुका था।ठोस CCTV फुटेज फिर भी इस पूरी वारदात का एक-एक पल वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि किस तरह सफेद शर्ट पहने और पीठ पर बैग टांगे हुए आरोपी महिला के पास रुकता है, वारदात को अंजाम देकर बाइक की तरफ दौड़ता है, और घर के भीतर से काले कपड़ों में एक महिला बाहर निकलकर अपनी जान दांव पर लगाते हुए उस भागते हुए अपराधी का पीछा करती है। यह पुख्ता डिजिटल साक्ष्य अगले ही दिन 9 दिसंबर 2025 को मगरलोड थाने में दर्ज एफआईआर (अपराध क्रमांक 0194/2025) के साथ पुलिस को सौंप दिया गया था।
मामले की जांच सहायक उप-निरीक्षक (ASI) महेन्द्र कुमार साहू को सौंपी गई और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2) के तहत झपटमारी का संगीन मामला दर्ज किया गया।क्या पुलिस के लंबे हाथ सिर्फ वीआईपी सेवा के लिए हैं?आज इस घटना को पूरे 8 महीने का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन मगरलोड पुलिस इस इकलौते लुटेरे और उसकी बाइक का सुराग तक नहीं लगा पाई है। पीड़ित महिला अत्यंत साधारण और निर्धन परिवार से आती है। अब पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश पनप रहा है कि पुलिस केवल रसूखदारों, रईसों और राजनेताओं के मामलों में ही तत्परता का “वीआईपी ट्रीटमेंट” दिखाती है। अगर यही घटना जिले के किसी प्रभावशाली व्यक्ति या बड़े व्यापारी के परिवार के साथ हुई होती, तो अब तक धमतरी पुलिस की स्पेशल टीमें और साइबर सेल पूरे जिले की नाकेबंदी कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज चुकी होती।एक गरीब बुजुर्ग महिला की जीवनभर की जमा-पूंजी दिनदहाड़े लूट ली गई और रसूख के अभाव में उसकी फाइल थाने की किसी दराज में संभवतः बंद पड़ी है। देखना होगा कि धमतरी पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेकर मगरलोड पुलिस की जवाबदेही तय करते हैं या फिर यह गरीब महिला इसी तरह कानून के इन “लंबे हाथों” के छोटे पड़ जाने का दर्द झेलती रहेगी
इस संबंध में एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा ने बताया कि हम सभी पहलुओं से इसे खोज रहे हैं पवार डंप भी किया गया है साइबर सेल को दिया गया है सभी तरह की जांच की जा रही है लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नतीजे तक नहीं आया है फिर भी हम लगातार जांच कर रहे हैं
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