सावन के तीसरे रविवार को विश्व प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। यह देर रात तक चलता रहा। भीड़ के कारण स्थिति यह थी कि सुबह करीब 8-9 बजे तक मंदिर परिसर और आसपास हजारों श्रद्धालु पहुंच चुके थे। इसके बाद दिनभर भक्तों और कांवरियों के आने-जाने का सिलसिला जारी रहा। समिति प्रबंधन के अनुसार रविवार को करीब 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान भूतेश्वरनाथ के अर्धनारीश्वर शिवलिंग के दर्शन किए। जलाभिषेक किया। पूजा-अर्चना की।
इस दौरान भूतेश्वरनाथ में केवल गरियाबंद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, राजनांदगांव सहित प्रदेश के कई जिलों से श्रद्धालु और कांवरिए दर्शन के लिए पहुंचे। इसके अलावा बेंगलुरु और दिल्ली से छत्तीसगढ़ पहुंचे लोग भी भगवान भूतेश्वरनाथ के दर्शन के लिए यहां पहुंचे। सुबह से ही अलग-अलग जिलों से आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ती गई। देखते ही देखते भूतेश्वरनाथ मार्ग पर वाहनों और श्रद्धालुओं का रेला लग गया। इस बीच पूरे दिन राजिम से लेकर गरियाबंद और गरियाबंद से भूतेश्वरनाथ तक पूरा मार्ग भगवामय नजर आया। जगह-जगह कांवरियों की टोलियां बाजे-गाजे और डीजे की धूम में झूमते-नाचते हुए भूतेश्वरनाथ की ओर बढ़ती दिखाई दीं।
रास्ते में लगातार 'बोल बम', 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजते रहे। बारिश के बावजूद कांवरियों और श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। रविवार को पूरा गरियाबंद शिवभक्ति में डूबा नजर आया। मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और नेशनल हाईवे-130 पर भी भूतेश्वरनाथ जाने वाले वाहनों और कांवरियों की भीड़ दिखाई दी। राजिम से लेकर भूतेश्वरनाथ तक भगवा झंडे, कांवर और 'बोल बम' के जयघोष माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बनाते रहे। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए पुलिस और स्थानीय समिति के लोगों को दिनभर व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। थाना प्रभारी शिशिर पांडेय स्वयं पूरे दिन मौके पर मौजूद रहे। यातायात और भीड़ व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पुलिस ने आने-जाने वाले वाहनों को अलग-अलग मार्गों से निकालकर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। बारिश, भीड़ और लंबी दूरी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही। हर कोई भगवान भूतेश्वरनाथ के दर्शन की लालसा में आगे बढ़ता नजर आया।
राजिम से भूतेश्वरनाथ तक सेवा में जुटे लोगः श्रद्धालुओं और कांवरियों की सेवा के लिए राजिम से लेकर गरियाबंद और भूतेश्वरनाथ मार्ग तक जगह-जगह भंडारे और विश्राम की व्यवस्था की गई थी। कहीं चना-पूरी, कहीं पुलाव-चना, तो कहीं खीर-पूरी बांटी गई। मंदिर में लंबी कतार, शांति से किया गया जलाभिषेक इधर, भूतेश्वरनाथ मंदिर में दर्शन, जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए अत्यधिक भीड़ रही। श्रद्धालुओं को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। थोड़ी-बहुत धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी। इसके बावजूद श्रद्धालुओं ने संयम और शांति बनाए रखी। बारी-बारी जलाभिषेक किया। मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। भगवान भूतेश्वरनाथ के दर्शन और अभिषेक के बाद भक्तों के चेहरे पर संतोष और आस्था साफ नजर आई। वे भाव-विभोर नजर आए। 8-10 बजे तक पार्किंग फुल, गांधी मैदान में रोके वाहन: सुबह से लगातार बढ़ती भीड़ के बीच करीब 10-11 बजे तक मंदिर क्षेत्र की लगभग 8 हजार वाहनों की पार्किंग फुल हो गई। इसके बाद भूतेश्वरनाथ मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने गरियाबंद से भूतेश्वरनाथ की ओर आने वाले वाहनों को गांधी मैदान में ही रोकना शुरू किया।
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