हौसलों की उड़ानः ईंट-सीमेंट उठाने वाले 2 सगे भाई सीआरपीएफ में एक साथ चुने गए, स्वागत में 7 किलोमीटर निकली रैली

मगरलोड के दुधवारा निवासी दोनों सगे भाई चेन्नई से ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटे

मेहनत और मजबूत इरादों के आगे आर्थिक तंगी कभी रोड़ा नहीं बन सकती। इसे सच कर दिखाया है मगरलोड ब्लॉक के दुधवारा के 2 सगे भाइयों ने। पिता राजाराम नेताम के साथ कुली और मिस्त्री का काम करने वाले पवन नेताम (22) और नकुल नेताम (19) का एक साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में चयन हुआ है।

चेन्नई में अपनी ट्रेनिंग का पहला चरण पूरा कर 7 सितंबर को जब दोनों भाई गांव लौटे, तो उनके स्वागत में मगरलोड से दुधवारा तक 7 किमी लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। देशभक्ति गानों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते ग्रामीणों ने दोनों जांबाजों का जगह-जगह स्वागत किया।

पवन व नकुल ने बताया कि दोनों सुबह 5 बजे उठकर 5 किमी दौड़ लगाते थे। 6 बजे वापस लौटकर पढ़ाई करते व 9-10 बजे मिस्त्री काम में जाते। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के चलते पिता के साथ दोनों भाई काम करते थे। दूसरों का मकान बनाने सीमेंट-ईंट लाने, जोड़ने का काम करते रहे। शाम को वापस लौटने के कुछ देर बाद फिर से आर्मी में जाने के लिए तैयारी करते। लगातार दो साल की कड़ी मेहनत के बाद सफलता मिली। सीआरपीएफ में दोनों भाईयों का एक साथ चयन हुआ है। चयन से खुशी जैसा माहौल है।

3 साल का अंतर, लेकिन पढ़ाई से लेकर तैयारी तक रहे हमकदम- पवन और नकुल की उम्र में 3 साल का फासला है। पवन जहां स्नातक पूरा कर चुका है, वहीं नकुल बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। उम्र में अंतर होने के बावजूद दोनों ने कभी खुद को छोटा-बड़ा नहीं समझा। दोनों ने एक दोस्त की तरह एक-दूसरे की कमियों को सुधारा और साथ मिलकर तैयारी की। लगातार 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद दोनों को पहले ही प्रयास में यह ऐतिहासिक सफलता मिली है।

6 महीने की ट्रेनिंग अभी और होगी- पिता राजाराम नेताम ने गर्व से बताया कि दोनों बेटों ने चेन्नई में अपनी शुरुआती ट्रेनिंग पूरी कर ली है। घर पर कुछ दिन बिताने के बाद दोनों भाई एक बार फिर आगे की 6 महीने की एडवांस ट्रेनिंग के लिए चेन्नई रवाना होंगे।

परिजनों ने हर परिस्थिति में सहयोग किया आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से कई बार मुश्किलें आईं, लेकिन हमारे हौसले कमजोर नहीं हुए। परिजनों ने हर परिस्थिति में हमारा पूरा सहयोग किया। हमने सेना/फोर्स में जाने की ठान ली थी और आज सपना पूरा हो गया। - पवन व नकुल नेताम

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