राष्ट्रपति आज रायपुर में जारी करेंगी ₹200 का स्मारक सिक्का:एयरपोर्ट से लोकभवन तक ट्रैफिक प्रभावित रहेगा; कल जगदलपुर के मुरिया दरबार जाएंगी

 

राष्ट्रपति आज रायपुर में जारी करेंगी ₹200 का स्मारक सिक्का:एयरपोर्ट से लोकभवन तक ट्रैफिक प्रभावित रहेगा; कल जगदलपुर के मुरिया दरबार जाएंगी


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी। वे आज रायपुर पहुंचेंगी। यहां दोपहर 12:45 से 1 बजे के बीच माता हासी देवी के सम्मान में 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसके बाद शाम 4 बजे बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में शामिल होंगी।

राष्ट्रपति के दौरे के दौरान रायपुर में ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। एयरपोर्ट से लोकभवन और वहां से बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम तक राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान रास्ते रोके जाएंगे। शंकर नगर, सिविल लाइंस और बूढ़ापारा में लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है।

इसके बाद राष्ट्रपति 23 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल होंगी। उनके दौरे को देखते हुए सुरक्षा के लिए 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शदाणी दरबार की पीठाधीश माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। रायपुर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उनके सम्मान में विशेष डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। सिक्के का निर्माण भारत सरकार की कोलकाता टकसाल में किया गया है।

इसका वजन 35 ग्राम है। आयोजन में 200 से अधिक विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। सिंधी समाज के लिए इस आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के रूप में देखा जा रहा है।

शदाणी दरबार के सचिव उदय सांई के मुताबिक, किसी सिंधी विभूति के सम्मान में स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट जारी होना समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश-विदेश में रहने वाले सिंधी समुदाय के लोगों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होगा।

रायपुर में शदाणी दरबार पीठ 300 साल पुराना मठ है।

चांदी समेत चार धातुओं से तैयार हुआ सिक्का

प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लूणावत के मुताबिक, स्मारक सिक्के का वजन 35 ग्राम रखा गया है। इसे चार धातुओं के मिश्रण से तैयार किया गया है। सिक्के में 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जस्ता इस्तेमाल किया गया है। सिक्के को विशेष रूप से माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती के अवसर पर जारी किया जा रहा है।

सिक्के के विमोचन के बाद श्रद्धालुओं और सिक्का संग्रह करने के शौकीनों को इसकी बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी। शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से सिक्के की बुकिंग कराई जा सकेगी। इसके अलावा कोलकाता टकसाल की आधिकारिक वेबसाइट पर भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

इस पहल को लेकर दरबार प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि स्मारक सिक्का माता साहिब हासी देवी के योगदान को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के साथ सिंधी समाज की सांस्कृतिक विरासत को भी सामने लाएगा।

राष्ट्रपति आज करेगी सिक्का का विमोचन।

300 साल पुरानी परंपरा से जुड़ा है शदाणी दरबार

रायपुर का शदाणी दरबार सिंधी समाज के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। इसकी परंपरा 18वीं सदी से जुड़ी हुई है। दरबार के संस्थापक संत शदूराम साहिब का जन्म अक्टूबर 1708 में लाहौर में हुआ था।

दरबार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, वर्ष 1768 में वे सिंध क्षेत्र के मठेलो पहुंचे। इसके बाद उन्होंने हयात पिताफी में शदाणी दरबार की स्थापना की। यहां पवित्र धूनी साहिब प्रज्वलित की गई, जो आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद शदाणी परंपरा भारत में भी आगे बढ़ी। रायपुर में धमतरी रोड पर लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में शदाणी दरबार तीर्थ विकसित किया गया। 20 जनवरी 1988 को संत गोबिंदराम साहिब ने इसकी नींव रखी।

वर्तमान में संत डॉ. युधिष्ठिर लाल दरबार के नौवें पीठाधीश्वर हैं। यहां धार्मिक आयोजनों के साथ मानव सेवा और समाज कल्याण से जुड़े कार्य भी किए जाते हैं। माता साहिब हासी देवी की 200वीं जयंती पर जारी होने वाला स्मारक सिक्का इसी धार्मिक परंपरा और सिंधी समाज की विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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