हरिभूमि न्यूज नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचने की कोशिश में आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर गए और एक पेड के नीचे बैठ गए। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नेताओं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 'वोट चोरी' करके देश को 'हाईजैक' किया है, जो 'देशद्रोह' है। उन्होंने यह भी कहा कि इनमें से कोई नहीं बचेगा और सबको कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। विपक्षी दलों की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाया जाए और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द किया जाए।
संसद भवन परिसर से निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकालने वाले विपक्षी सांसदों को इससे पहले संसद मार्ग पर नीति आयोग भवन के निकट सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। निर्वाचन सदन की तरफ बढ़ रहे सांसदों को जब पुलिस ने रोका तो वे संसद मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। इसके कुछ ही देर बाद राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अभिषेक बनर्जी पुलिस के बैरिकेड पर चढ़ गए, जबकि प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के लिए एक बस में ले जाया गया।
लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है: राहुल राहुल गांधी ने कहा, लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है, क्योंकि पूरा देश जानता है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने मिलकर चुनावी प्रक्रिया को बर्बाद कर दिया है। देश यह बात समझ चुका है। एक तरह से नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने देश को हाईजैक कर लिया है और हम संविधान और लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष के 300 सांसद उस कथित तौर पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। हम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को लेकर सवाल पूछना चाहते हैं। लेकिन वे जवाब नहीं देना चाहते। अगर उन्होंने वोटों की चोरी नहीं की होती. ततेो वे हमसे एक मिनट में मिलने के लिए तैयार हो जाते।
एसआईआर के विरोध और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी पार्टियां सड़क उतरी। विपक्षी 'इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला, हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और राहुल, प्रियंका समेत कई सांसदों तथा नेताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को 2 घंटे बाद रिहा कर दिया।
भारी सुरक्षा बल तैनात
मार्च से पहले संसद और निर्वाचन आयोग मुख्यालय के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई थी। सांसदों के पहुंचने से काफी पहले ही इलाके में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र हुए और वहां से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय 'निर्वाचन सदन की ओर रवाना हुए।
भाजपा बोली- राहुल को 'लॉन्च' करने का एक और प्रयास
भाजपा ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के सांसदों के मार्च की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा अराजकता पैदा करने तथा राहुल गांधी को फिर से लॉन्च करने का एक और प्रयास था। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'इंडिया' गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मार्च के जरिये वे (घटक दल) संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और अपनी चुनावी हार की भड़ास निकाल रहे हैं।
निर्वाचन आयोग ने कहा-किसी दल ने नहीं किया अनुरोध निर्वाचन आयोग मुख्यालय के निकट मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य नेताओं के प्रदर्शन के बीच आयोग ने कहा कि उसे किसी राजनीतिक दल की ओर से बैठक के लिए कोई अनुरोध नहीं किया गया था। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से जब यह पूछा गया कि क्या राहुल गांधी समेत 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने आयोग से मुलाकात का अनुरोध किया था. तो उन्होंने कहा कि मंगलवार को किसी भी राजनीतिक दल की ओर से बैठक के लिए कोई अनुरोध नहीं किया गया ।
एसआईआर का विरोध और सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल जारी ।