त्योहारों से पहले अलर्ट मोड में रायपुर रेंज पुलिस, थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश; बाजारों व संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी

आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रायपुर रेंज पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार 30 अक्टूबर को पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और रक्षित निरीक्षक शामिल हुए।

बैठक में आईजी मिश्रा ने पुलिसिंग में कार्यकुशलता, जवाबदेही और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यवेक्षी अधिकारी केवल कार्यालयीन समीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि थाना स्तर पर सक्रिय नेतृत्व करते हुए फील्ड ऑपरेशन, अपराध विवेचना और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी भी निभाएं।

बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर
आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सघन पेट्रोलिंग तथा प्रभावी चेकिंग के निर्देश दिए गए। चोरी, उठाईगिरी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेहतर प्रबंधन पर भी जोर दिया गया।

थाना प्रभारियों की जवाबदेही होगी तय आईजी ने थाना सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए थाना प्रभारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। CSP और DSP स्तर के अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर अपराधों की विवेचना, कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई की निगरानी करने को कहा गया। लंबित अपराधों की नियमित समीक्षा, निर्धारित वैधानिक समयसीमा में चालान पेश करने और गंभीर मामलों में प्रभावी जमानत विरोध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

ट्रैफिक व्यवस्था में ट्रैफिक वार्डन की होगी पहल
यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। उपलब्ध CCTV नेटवर्क का प्रभावी उपयोग कर यातायात नियंत्रण और अपराधों की रोकथाम को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।

साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
न्यायालयीन समन्वय को बेहतर बनाने के लिए समंस और वारंट की तामीली की डिजिटल मॉनिटरिंग करने तथा न्यायालयों के साथ प्रभावी तालमेल बनाए रखने को कहा गया। पुराने और सामान्य प्रकृति के मामलों के शीघ्र निराकरण पर भी जोर दिया गया। वहीं, 1930 साइबर हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, भूमि विवादों में समय रहते प्रतिबंधात्मक कदम उठाने और पुलिस बल का युक्तियुक्त आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

शिकायतकर्ताओं से संवेदनशील व्यवहार पर जोर
आईजी अमरेश मिश्रा ने सभी जिलों में नियमित क्षेत्र भ्रमण, संवेदनशील स्थानों की सतत निगरानी और पुलिस बल की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। थाना स्तर पर शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील व्यवहार, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा और पुलिसकर्मियों के कार्यों का स्पष्ट निर्धारण कर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।

शिकायतकर्ताओं से संवेदनशील व्यवहार पर जोर
आईजी अमरेश मिश्रा ने सभी जिलों में नियमित क्षेत्र भ्रमण, संवेदनशील स्थानों की सतत निगरानी और पुलिस बल की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। थाना स्तर पर शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील व्यवहार, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा और पुलिसकर्मियों के कार्यों का स्पष्ट निर्धारण कर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन से बेहतर समन्वय और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रभावी पर्यवेक्षण, परिणामोन्मुखी पुलिसिंग और संवेदनशील जनशिकायत निवारण से ही पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी और जनता का विश्वास मजबूत होगा।

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