भाजपा की पदयात्रा में मंच से दूर बैठे अजय चंद्राकर:धमतरी में टंकराम वर्मा ने कई बार बुलाया, चंद्राकर बोले- स्वागत नहीं, श्रद्धांजलि देनी थी
भाजपा की पदयात्रा के समापन कार्यक्रम में मंच के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच नीचे बैठे पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर। |
छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस और भाजपा के अभियानों को लेकर बयानबाजी तेज है। कांग्रेस जहां ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चला रही है, वहीं भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ पदयात्रा शुरू की है। धमतरी में शनिवार को भाजपा की इसी पदयात्रा के दौरान एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू कर दी। पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर कार्यक्रम में मंच पर जाने के बजाय नीचे कार्यकर्ताओं के बीच बैठ गए। जिले के प्रभारी मंत्री और कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने उन्हें कई बार मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन चंद्राकर अपनी जगह से नहीं उठे।
बाद में जब मुख्य वक्ता के रूप में उनके संबोधन की बारी आई तो वे मंच पर पहुंचे और भाषण की शुरुआत में ही कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को कार्यक्रम की शुरुआत में श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए थी। चंद्राकर ने टिप्पणी की मंच में स्वागत नहीं करना था, श्रद्धांजलि देनी थी। हालांकि, उन्होंने मंच से नीचे बैठने के पीछे किसी तरह की नाराजगी होने से इनकार किया। प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने भी इसे भाजपा की कार्यकर्ता आधारित संस्कृति का हिस्सा बताया।
गौशाला मैदान से शुरू हुई पदयात्रा, शांति वाटिका में हुआ कार्यक्रम
दरअसल, भाजपा की पदयात्रा शनिवार को धमतरी के गौशाला मैदान से शुरू हुई। पदयात्रा में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। यात्रा सिहावा चौक स्थित शांति वाटिका पहुंची, जहां कार्यक्रम के लिए मंच तैयार किया गया था। वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मंच पर मौजूद थे, जबकि कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए नीचे कुर्सियों और सोफे की व्यवस्था की गई थी।
इसी दौरान पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर मंच पर जाने के बजाय नीचे कार्यकर्ताओं के बीच जाकर बैठ गए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान इस ओर गया। इसके बाद जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने मंच से ही उन्हें ऊपर आने का आग्रह किया।
प्रभारी मंत्री ने कई बार मंच पर बुलाया, चंद्राकर नीचे ही बैठे रहे
मंत्री टंकराम वर्मा ने अजय चंद्राकर से कहा कि उनका स्थान मंच पर है। उनके मंच पर विराजमान होने से कार्यकर्ताओं को भी अच्छा लगेगा। उन्होंने चंद्राकर को वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से कार्यकर्ताओं को लाभ मिलेगा। प्रभारी मंत्री ने विनम्रता के साथ कई बार उनसे मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन चंद्राकर अपनी जगह पर बैठे रहे।
बाद में टंकराम वर्मा ने अपना उद्बोधन समाप्त किया और मंच से नीचे उतरकर अजय चंद्राकर से मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरान सामने आए इस दृश्य के बाद सवाल उठने लगे कि मंच पर आने के बार-बार आग्रह के बावजूद चंद्राकर नीचे क्यों बैठे रहे? क्या यह केवल कार्यकर्ताओं के बीच बैठने का उनका फैसला था या इसके पीछे कोई नाराजगी थी?
व्यवस्था पर उठाए सवाल, बोले- श्रद्धांजलि देनी थी
कार्यक्रम में जब मुख्य वक्ता के रूप में अजय चंद्राकर के संबोधन की बारी आई तो वे मंच पर पहुंचे। हालांकि, उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में ही कार्यक्रम के संचालन और शुरुआत को लेकर नाराजगी जाहिर की। चंद्राकर ने कहा कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए थी।
उनके मुताबिक, इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष स्वागत-सत्कार में लगे रहे, जबकि प्राथमिकता श्रद्धांजलि देने की होनी चाहिए थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मंच में स्वागत नहीं करना था, श्रद्धांजलि देनी थी।" उनकी इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम की शुरुआत और व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा होने लगी।
चंद्राकर बोले- कुरूद में भी पीछे बैठा था, आज भी नीचे बैठा हूं
मंच पर नहीं जाने और नीचे बैठने के घटनाक्रम को लेकर जब मीडिया ने अजय चंद्राकर से सवाल किया तो उन्होंने नाराजगी की बात से इनकार किया। चंद्राकर ने कहा कि कुरूद में भी वे पीछे बैठे थे और आज भी मंच के नीचे बैठे हैं। उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं के साथ बैठना और मंच पर बैठना, दोनों का मतलब एक ही है।
उन्होंने कहा कि वे पूरी पदयात्रा में शामिल रहे और उन्होंने रैली पूरी की है। चंद्राकर ने दोहराया कि उनके नीचे बैठने के पीछे कोई नाराजगी नहीं थी।
भाजपा में कभी नेता नीचे तो कभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठते हैं
वहीं, प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने भी इस घटनाक्रम को नाराजगी से जोड़कर देखने से इनकार किया। मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। यहां कभी नेता नीचे बैठते हैं, कभी ऊपर और कभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर कार्यक्रम में शामिल होते हैं।
उन्होंने इसे पार्टी की संस्कृति बताते हुए कहा कि इसमें नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है। प्रभारी मंत्री के मुताबिक, अजय चंद्राकर का नीचे बैठना सामान्य बात थी और इसे किसी विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


