शिक्षा के बदतर स्थिति पर कार्यवाही चांपा शहर से लगे हुए कोसमंदा विद्यालय का मामला
जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत जांजगीर-चांपा के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष गगन जयपुरिया ने स्कूल का निरीक्षण किया और शिक्षा की बदतर स्थिति को देखकर अचंभित रह गए । स्कूलों में निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं मिल रही थी और शिक्षकों की उपस्थिति पंजी भी संदिग्ध हालात में थी । उन्होंने देखा कि बच्चें स्कूल परिसर में ही खेल रहे हैं बाए-दाएं कुछ बेटियां तो सायकल चला रही हैं।
कार्यवाही के दिए निर्देश
शिक्षा समिति के अध्यक्ष गगन जयपुरिया ने शिक्षकों को सख्त फटकार लगाई और ऊपर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों को ध्यान देना चाहिए लेकिन यहां तो शिक्षक ही लापरवाह हैं।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि स्कूल में केवल एक ही शिक्षक गिरजा शंकर पाण्डेय की उपस्थिति थी, लेकिन वे भी बच्चों को नहीं पढ़ा रहे थे अन्यान्य शिक्षक स्कूल में ही नहीं थे या तो अनुपस्थित थे या फिर बीएलओ ड्यूटी पर थे।
स्कूली बच्चों की अपनी समस्याएं
विद्यालय निरीक्षण के दौरान अपनी समस्याएं एवं व्यथा जिला पंचायत अध्यक्ष गगन जयपुरिया को बार-बार पूछने पर बताई। उन्होंने कहा कि स्कूल में पर्याप्त मात्रा में भोजन नहीं मिलता हैं और इस स्कूल की पढ़ाई-लिखाई की गुणवत्ता भी ठीक नहीं हैं । अध्यक्ष गगन जयपुरिया ने भी स्कूल में किसी भी प्रकार पठान-पठान गतिविधियां ठीक नहीं पाया और बच्चें बांटी खेलते हुए तथा फालतू गिरी करते देखे गए।
मीडिया जगत से जुड़े हुए शशिभूषण सोनी ने बताया कि शिक्षा समिति की अध्यक्ष एवं जिला पंचायत जांजगीर-चांपा के उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने जब निरीक्षण के लिए पहुंचे तब स्थिति को देखकर अचंभित रह गए । शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कड़ा निर्देश दिए । गांव के शिक्षा समिति के अध्यक्षों को इनकी जानकारी दिया । इस समय शिक्षा समिति के अध्यक्षों ने एक-दूसरे का मुंह ताकते रहे और कुछ भी जवाब नहीं दे पाए । प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला , कोसमंदा में किसी भी प्रकार का शैक्षणिक कार्य नहीं पाया गया।
कोसमंदा के दोनों विद्यालयों को मिलाकर कुल 8 शिक्षक हैं , जिसमे प्रधान पाठक नवरत्न प्रसाद , किसी आकस्मिक अवकाश मे थे । देवेंद्र राठौर डोरीलाल राठौर ,राम कुमार श्यामकर, भीखम प्रसाद इस चारों का बी एल ओ ड्युटी पर थे ,जबकि इनके अलावा रश्मि राठौर संतान अवकाश मे थे। श्रीमति प्रीति बाला मिश्रा ,विद्यालय में अनुपस्थित थी लेकिन उपस्थिति रजिस्टर में इनका उपस्थिति थी शिक्षा समिति के अध्यक्ष गगन जयपुरिया के पूछने पर पता चला कि सुबह शाला आई थी लेकिन एक घंटे बाद बिना किसी की बताएं या बिना किसी को बिना सूचना दिए विद्यालय छोड़कर चली गई । इस विद्यालय में केवल एक शिक्षक गिरजा शंकर पाण्डेय विद्यालय में उपस्थित थे लेकिन बच्चों को पड़ा नहीं रहे थे ये भी इधर-उधर घूम कर समय काट थे।
निरीक्षण के दौरान बच्चों से पूछने से पता चला कि उन्हें प्रयाप्त मात्र में भोजन नहीं मिलता मेनू के अनुसार तो दूर की बात है पर्याप्त भोजन बच्चों नहीं मिलता है । बच्चे को आधा पेट भोजन नहीं मिलता बच्चों ने अपना दुखड़ा आए हुए अधिकारी गगन जयपुरिया एवं रामखिलावन यादव संपादक जनादेश 24 न्यूज तथा लेखक शशिभूषण सोनी को बताया।
बीईओ और डीइओ को दी गई जानकारी
उपरोक्त बिंदुओं से यह पता चला कि इस जनपथ प्राथमिक शाला एवं शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला कोसमंदा के शाला में किसी भी प्रकार का अनुशासन तथा नियमों का पालन एवं का क्रियान्वयन नहीं को रहा है। दिनांक को 22 नवंबर 2025 दिन शनिवार को निम्नलिखित शक्तियों के समक्ष निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार किया गया लेखन में रामकुमार श्यामकर द्वारा किया गया एवं समितियों की उपस्थिति एवं शाइन करकर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री गगन जयपुरिया ने जानकारी ली एवं डीईओ एवं बीईओ को भी जानकारी देते हुए नाराजगी जाहिर की हैं । इस तरह की शिक्षा की बद्तर स्थिति को देखकर सभी शिक्षकों की खूब क्लास लगते हुए उनके ऊपर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिया एवं पढ़ाई के स्तर को सुधारने के सख्त निर्देश शिक्षकों को दिए हैं ।




