न्यूज | मगरलोड
भारत की जनगणना-2027 के तहत मगरलोड ब्लॉक में 1 से 30 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जाना है। जिले के 3 प्रमुख ब्लॉक नगरी, धमतरी और कुरूद में प्रगणकों की ड्यूटी लगाई है। इसमें शिक्षकों को उनके कार्यस्थल के आधार पर जनगणना ब्लॉक का स्थान आबंटित किया गया है, लेकिन मगरलोड ब्लॉक में शिक्षकों की ड्यूटी कार्य स्थल से 30 किमी दूर लगाने का आरोप है। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग राज्य कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया।
तहसील अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, सहायक शिक्षक फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष टेमन साहू, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष रमेश यादव का आरोप है कि तहसील कार्यालय मगरलोड के प्रभारी लिपिक ने जनगणना कार्य के लिए ब्लॉकों का अव्यवस्थित और अत्यधिक असामान्य ढंग से आबंटन किया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह अव्यावहारिक और गैर-पारदर्शी है। संगठन के अधिकारियों का कहना है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी मगरलोड ने जनगणना के लिए शिक्षकों की सूची तैयार की थी और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ तहसील कार्यालय को भेजा था।
इस सूची में शिक्षकों को उनके कार्यस्थल के अनुसार प्रगणक ड्यूटी के लिए स्थान आबंटित किया गया था, लेकिन तहसील कार्यालय में इस वास्तविक सूची से छेड़छाड़ कर गड़बड़ियां की गईं। संगठन ने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर जहां 8-10 शिक्षक कार्यरत हैं, उन्हें छोड़कर 20-35 किमी दूर स्थित गांवों में कुछ अन्य शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इस प्रकार का निर्णय शिक्षकों के लिए मानसिक तनाव है। कर्मचारी संगठन ने कलेक्टर से मांग की है कि शिक्षकों की ड्यूटी को उनके वर्तमान कार्य स्थल के आधार पर दोबारा वस्तुनिष्ठ तरीके से निर्धारित किया जाए। उन्होंने तहसील कार्यालय मगरलोड के प्रभारी लिपिक पर कार्रवाई करने की अनुशंसा उच्च कार्यालय को भेजने की अपील की है।
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