धमतरी 20 अप्रैल 2026:- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक में जनगणना ड्यूटी को लेकर विवाद गहरा गया है। जहाँ एक तरफ पूरे जिले में शिक्षकों की ड्यूटी उनके कार्यस्थल के पास लगाई गई है, वहीं मगरलोड तहसील कार्यालय की एक 'कारस्तानी' ने शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। इसी के विरोध में अब विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है।
दरअसल, भारत की जनगणना 2027 के तहत 1 मई से 31 मई 2026 तक मकानसूचीकरण का कार्य होना है। जिले के तीनों ब्लाक धमतरी नगरी और कुरूद में तो शिक्षकों की ड्यूटी उनके स्कूल के पास ही लगाई गई है, लेकिन मगरलोड में तस्वीर बिल्कुल अलग है।
छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग राज्य कर्मचारी संगठन के तहसील अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा,सहायक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ब्लाक अध्यक्ष टेमन साहू,और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष रमेश यादव का आरोप है कि मगरलोड तहसील कार्यालय के प्रभारी लिपिक ने ड्यूटी लिस्ट में भारी हेराफेरी की है।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने एक पारदर्शी सूची भेजी थी, जिसमें शिक्षकों को उनके स्कूल वाले गांव में ही ड्यूटी दी गई थी। लेकिन तहसील कार्यालय में इस सूची के साथ छेड़छाड़ की गई। हालत यह है कि जहां 8-10 शिक्षक पहले से मौजूद हैं, उन्हें छोड़कर 30 से 35 किलोमीटर दूर के शिक्षकों को वहां भेज दिया गया है।
फिलहाल, कर्मचारी संगठनों ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर समय रहते ड्यूटी आदेश में संशोधन नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।
अब देखना यह है कि धमतरी कलेक्टर श्री अविनाश इस मामले को कब तक संज्ञान में लेते हैं और शिक्षकों की 'अस्त-व्यस्त' ड्यूटी लिस्ट को कब तक दुरुस्त
करते है।

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