नेशनल लोक अदालत में 23,877 प्रकरणों का निराकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर में एक ही मंच पर मिला न्याय, स्वास्थ्य और योजनाओं का लाभ

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नेशनल लोक अदालत में 23,877 प्रकरणों का निराकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर में एक ही मंच पर मिला न्याय, स्वास्थ्य और योजनाओं का लाभ

नेशनल लोक अदालत में 23,877 प्रकरणों का निराकरण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर में एक ही मंच पर मिला न्याय, स्वास्थ्य और योजनाओं का लाभ

जांजगीर-चांपा,
वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर सहित जिले के समस्त न्यायालयों में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा जिला न्यायालय मुंगेली से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए लोक अदालत को सफल बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं।

जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री जयदीप गर्ग ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिले के न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वॉलिंटियर्स तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में एडीआर भवन जांजगीर में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया गया। मत्स्य विभाग द्वारा मछुआरों को आईस बॉक्स एवं मछली पकड़ने के जाल वितरित किए गए। श्रम विभाग द्वारा नोनीहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 1500-1500 रुपए तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत महिलाओं को 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए।

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नेशनल लोक अदालत में 23,877 प्रकरणों का निराकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर में एक ही मंच पर मिला न्याय, स्वास्थ्य और योजनाओं का लाभ
DEEPAK YADAV DEEPAK YADAV Send an email2 hours agoLast Updated: May 9, 20260 85 2 minutes read

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नेशनल लोक अदालत में 23,877 प्रकरणों का निराकरण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर में एक ही मंच पर मिला न्याय, स्वास्थ्य और योजनाओं का लाभ

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जांजगीर-चांपा,
वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर सहित जिले के समस्त न्यायालयों में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा जिला न्यायालय मुंगेली से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए लोक अदालत को सफल बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं।



जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री जयदीप गर्ग ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिले के न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वॉलिंटियर्स तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में एडीआर भवन जांजगीर में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया गया। मत्स्य विभाग द्वारा मछुआरों को आईस बॉक्स एवं मछली पकड़ने के जाल वितरित किए गए। श्रम विभाग द्वारा नोनीहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 1500-1500 रुपए तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत महिलाओं को 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए।



महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को पोषण किट देकर सम्मानित किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में आमजनों सहित गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए जिला अधिवक्ता संघ जांजगीर द्वारा खिचड़ी प्रसाद का वितरण भी किया गया।
नेशनल लोक अदालत के तहत जिला न्यायालय जांजगीर, समस्त तालुका न्यायालयों एवं राजस्व न्यायालयों में कुल 41 खंडपीठों के माध्यम से 36,445 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 23,877 प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया। इस दौरान कुल 2 करोड़ 69 लाख 75 हजार 478 रुपए 50 पैसे का अवार्ड पारित किया गया।
लोक अदालत में दिखा रिश्तों को जोड़ने का मानवीय पक्ष
नेशनल लोक अदालत केवल विवादों के समाधान तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई टूटते परिवारों को जोड़ने का माध्यम भी बनी।
बच्चे की गुहार पर फिर साथ आए माता-पिता
कुटुंब न्यायालय जांजगीर में एक दंपत्ति, जो पिछले कई वर्षों से अलग रह रहे थे, विवाह विच्छेद के लिए पहुंचे थे। सुनवाई के दौरान उनके बच्चे ने न्यायालय से माता-पिता को फिर से एक करने की भावुक अपील की। न्यायालय की समझाइश और परिवार के महत्व को समझाने के बाद दोनों पति-पत्नी साथ रहने के लिए तैयार हो गए। माननीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश श्रीमती नीलिमा सिंह बघेल ने दंपत्ति को मिठाई खिलाकर और माला पहनवाकर विदाई दी। इस भावुक पल के साक्षी न्यायालय परिसर में मौजूद सभी लोग बने।

वर्ष 2023 से अलग रह रहे पति-पत्नी ने खत्म किया विवाद
एक अन्य मामले में वर्ष 2023 से अलग रह रहे पति-पत्नी ने भी लोक अदालत की समझाइश के बाद पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दाखिल विवाह विच्छेद प्रकरण को दोनों पक्षों की सहमति से समाप्त कर दिया गया। दंपत्ति अपने बच्चों के साथ खुशी-खुशी घर लौटे।
नेशनल लोक अदालत ने एक बार फिर यह साबित किया कि न्यायालय केवल कानूनी समाधान का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और रिश्तों को बचाने का भी माध्यम है।

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