300 किलो नकली पनीर गड्ढे में नष्ट किया, फैक्ट्री सीलः महासमुंद में सैंपल एनालॉग निकला; रायपुर-ओडिशा तक हो रही थी सप्लाई, संचालक पर केस

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में वैद्य फूड प्रोडक्ट्स के प्लांट से जब्त पनीर का सैंपल अमानक पाया गया है। जांच में यह प्रतिबंधित एनालॉग पनीर निकला। प्रशासन ने करीब 300 किलो नकली पनीर को जेसीबी से गड्ढा खोदकर नष्ट कर दिया और प्रोडक्शन यूनिट को सील कर दिया।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद में वैद्य फूड प्रोडक्ट्स के प्लांट से जब्त पनीर का सैंपल अमानक पाया गया है। जांच में यह प्रतिबंधित एनालॉग पनीर निकला। प्रशासन ने करीब 300 किलो नकली पनीर को जेसीबी से गड्ढा खोदकर नष्ट कर दिया और प्रोडक्शन यूनिट को सील कर दिया। मामले में संचालक शोभित सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

यह कार्रवाई प्लांट के खिलाफ मिली शिकायत के बाद शुरू हुई थी। खाद्य विभाग की टीम ने 17 अगस्त की देर रात प्लांट में छापा मारा था। टीम को करीब 3 एकड़ में चल रही इस फैक्ट्री में 300 किलो पनीर मिला था। यहां बना पनीर रायपुर और ओडिशा तक भेजा जा रहा था।

नकली पनीर और मिलावटी सामान के खिलाफ प्रदेश में 17 अगस्त से फूड डिपार्टमेंट विशेष अभियान चला रहा है, जो 23 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग जिलों में दुकानों, होटलों और फैक्ट्रियों की जांच की जा रही है। खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच में मिलावट पाए जाने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
अब जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार फैक्ट्री कानपुर के रहने वाले शोभित सिंह की है। रविवार देर रात जिला प्रशासन की टीम ने फैक्ट्री में दबिश दी थी। टीम में फूड डिपार्टमेंट के अधिकारी उमेश वर्मा, सांखनाद भोई और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जुगल किशोर पटेल समेत पुलिस बल मौजूद था। इस दौरान वहां रीब 10 से 12 कारीगर काम कर रहे थे, जो कि मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले थे।

जांच के दौरान फैक्ट्री में 300 किलो पनीर मिला। उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह होने पर अधिकारियों ने तैयार पनीर को जब्त कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि भालेसर में यह फैक्ट्री करीब एक साल से संचालित हो रही थी।

टेस्ट के लिए भेजा गया था सैंपल

जांच के दौरान करीब 300 किलो तैयार पनीर जब्त किया। सील किए गए कोल्ड स्टोरेज को अगले दिन सुबह नियमानुसार खोलकर पनीर की जांच की। जांच के लिए टीम ने करीब एक किलो पनीर का सैंपल लिया और उसे रायपुर की लैब में भेजा।

लैब रिपोर्ट में सैंपल अमानक और एनालॉग पनीर पाया गया। इसे प्रतिबंधित श्रेणी का बताया गया है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और आगे की कार्रवाई की।

गुरुवार शाम खाद्य विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम दोबारा प्लांट पहुंची। टीम की मौजूदगी में जेसीबी से गड्डा खोदा गया और करीब 300 किलो नकली पनीर को गड्ढे में दफना दिया गया। इसके बाद प्रोडक्शन यूनिट को सील कर दिया गया।

रायपुर और ओडिशा तक भेजा जा रहा था

जांच में फैक्ट्री से रायपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों और ओडिशा तक नकली पनीर भेजे जाने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि शोभित, रायपुर के प्रकाश देवांगन के साथ मिलकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पनीर की सप्लाई करता था।

जब्तः एनालॉग पनीर बनाने की शिकायत पर एक्शन; जांच के लिए भेजे गए सैंपल
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नकली पनीर बनाने की शिकायत पर राजस्व, खाद्य-औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। करीब 3 एकड़ में चल रही इस फैक्ट्री में 300 किलो पनीर मिला है। टीम ने पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। भालेसर रोड स्थित वैद्या फूड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में तैयार पनीर रायपर और ओडिशा तक भेजा जा रहा था। 

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