धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मॉडमसिल्ली बांध 98.82 फीसदी भरने के बाद ऑटोमेटिक साइफन सिस्टम से खुल गया। एशिया के पहले ऑटोमेटिक साइफन सिस्टम वाले इस बांध के गेट पानी का स्तर बढ़ने पर स्वतः खुलते हैं।
गेट खुलने के बाद यहां पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ गई है।100% जलभराव पर खुद खुलते हैं साइफन गेट
5.849 टीएमसी क्षमता वाले मॉडमसिल्ली बांध को एशिया का पहला ऑटोमेटिक साइफन बांध माना जाता है। बांध में पानी का स्तर 100 फीसदी पहुंचने पर इसके साइफन गेट अपने आप खुल जाते हैं। इस बार लगातार बारिश के कारण जलस्तर 98.82 फीसदी तक पहुंचा, जिसके बाद साडफन सिस्टम सक्रिय हो गया।
100% जलभराव पर खुद खुलते हैं साइफन गेट
5.849 टीएमसी क्षमता वाले मॉडमसिल्ली बांध को एशिया का पहला ऑटोमेटिक साइफन बांध माना जाता है। बांध में पानी का स्तर 100 फीसदी पहुंचने पर इसके साइफन गेट अपने आप खुल जाते हैं। इस बार लगातार बारिश के कारण जलस्तर 98.82 फीसदी तक पहुंचा, जिसके बाद साइफन सिस्टम सक्रिय हो गया।
गंगरेल भी 91% से ज्यादा भरा
धमतरी के 32 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल बांध में भी 91 फीसदी से अधिक पानी भर चुका है। बांध में लगातार 3 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी की आवक बनी हुई है। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए गंगरेल के गेट भी कभी भी खोले जा सकते हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
दुधावा 82.73%, सोंदूर 68.90% भरा
जिले के अन्य प्रमुख बांधों की स्थिति भी लगातार बदल रही है। 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 82.73 फीसदी और 6.995 टीएमसी क्षमता वाले सोंदूर बांध में 68.90 फीसदी जलभराव दर्ज किया गया है।
कैचमेंट एरिया में जारी बारिश के कारण सभी बांधों में पानी की आवक बढ़ी हुई है।
प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और बांध क्षेत्रों के आसपास नहीं जाने की अपील की है। विशेष रूप से तेज बहाव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने और जलस्तर देखने के लिए जोखिम उठाने से बचने की सलाह दी गई है।