विभाजन बांटवारा नहीं, लाखों लोगों की पीड़ादायक त्रासदी थी

यशवंतराव मेघावाले शासकीय कॉलेज, मगरलोड में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, कारण, विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी, उससे मिलने वाली सीख से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. प्रभा वेरुलकर ने कहा कि विभाजन सिर्फ सीमाओं का बंटवारा नहीं था। यह लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली पीड़ादायक ऐतिहासिक घटना थी। उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, अखंडता, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव, मानवीय मूल्यों को मजबूत करना है।

इतिहास विभाग की डॉ. यशोदा साहू ने भारत विभाजन की पृष्ठभूमि बताई। उन्होंने विभाजन के प्रमुख कारण गिनाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां, साम्प्रदायिक तनाव, अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराएं, तत्कालीन हालात के चलते वर्ष 1947 में भारत का विभाजन हुआ।

उन्होंने कहा कि इसका असर उस समय तक सीमित नहीं रहा। सामाजिक और मानवीय प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए गए। उन्होंने बताया कि स्मृति दिवस का मूल उद्देश्य उस पीड़ा को याद करना है। वर्तमान और भावी पीढ़ी को सीख लेने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि अतीत की गलतियों से सीख लेकर ऐसी परिस्थितियों से बचना चाहिए। देश में एकता, सद्भाव, सामाजिक समरसता को और मजबूत करना चाहिए।

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