न्यूज | कुरूद बानगर में भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम मार्ग बनने के बाद जल निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी। किसानों के मुताबिक पिछले 4 साल से बरसात में करीब सैकड़ों एकड़ कृषि जमीन में पानी भर जाता है। धान समेत दूसरी फसलें लगातार प्रभावित हो रही हैं। इस साल 2 से 3 बार बुआई करनी पड़ी। किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ। प्रभावित किसानों ने बताया कि वे पहले भी कई बार भारतमाला परियोजना की निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को पक्की नाली बनाने के लिए आवेदन दे चुके हैं। अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पिछले साल कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी को भी ज्ञापन दिया था। तहसीलदार ने राजस्व अमले के साथ निरीक्षण किया। पंचनामा बनाया। उच्च अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजने की बात कही। निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्थल निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि विधायक, सांसद को भी समस्या बताई जा चुकी है। किसानों ने मांग की है कि इस साल जलभराव से हुई फसल क्षति का उचित मुआवजा दिया जाए। फसल बीमा योजना का लाभभी दिलाया जाए। किसानों ने कहा कि अगली बारिश से पहले चितरंजन साहू के खेत से सिंधौरी खुर्द नाला तक पक्की जल निकासी नाली बने। हरिचरण कंवर के खेत से बानगर नाला तक भी पक्की नाली बने। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो। प्रभावित किसानों में हरिचरण कंवर, चितरंजन साहू, फिरंता राम, देवनाथ, लीलाराम साहू, चौबील साहू, श्यामचरण कंवर, शीलाबाई नेताम, दिलेश्वर, गंगाबाई यादव, हेमंत साहू, नरेंद्र, रेखाबाई शामिल हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासन के सामने जनआंदोलन करेंगे।
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