मगरलोड (प्रखर)। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 18 सितंबर को यशवंत राव मेघावाले शासकीय महाविद्यालय मगरलोड में प्राचार्य डॉ. प्रभा वेरुलकर के मार्गदर्शन में भारत मंडलाकार रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ, राष्ट्रीय प्रतीक, विकसित भारत 2047 तथा सेवा धर्म रहा। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की कुल 10 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी टीमों ने अपनी रचनात्मकता एवं कलात्मक कौशल का परिचय देते हुए विभिन्न विषयों को आकर्षक मंडलाकार रंगोलियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। रंगोलियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, सामाजिक समर्पण तथा विकसित भारत के संकल्प को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसी MISSION जनकल्याणकारी योजनाओं को अपनी रंगोलियों में स्थान दिया। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज, अशोक चक्र एवं अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के माध्यम से राष्ट्र के प्रति सम्मान और एकता की भावना को प्रदर्शित किया। विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को दर्शाती रंगोलियों में आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सहयोग और राष्ट्र निर्माण का संदेश भी दिखाई दिया।
प्रतियोगिता का एक महत्वपूर्ण विषय 'सेवा धर्म' रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने समाजसेवा, मानवता, सहयोग एवं समर्पण के महत्व को रेखांकित किया। रंगोलियों ने यह संदेश दिया कि सेवा केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र 300 के प्रति हमारी जिम्मेदारी एवं कर्तव्यबोध है। रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सिलोचना साहू, हेमेश्वरी निषाद, ओमीन पटेल, सिद्धि मानिकपुरी एवं कैलाश यादव, द्वितीय स्थान लोमना, पेमिन, हेमपुष्पा, खिलेश्वरी एवं माधुरी तथा तृतीय स्थान करीना दुबे, तोमेश्वरी साहू, काजल साहू, पायल निषाद एवं टिकेश्वरी रही। प्राचार्य डॉ. प्रभा वेरुलकर ने कहा कि रचनात्मक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में कलात्मक कौशल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा सेवा और समर्पण के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।