Raipur Missing Persons Alert: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। रायपुर कमिश्नरेट और ग्रामीण थानों में शनिवार से रविवार के बीच महज 24 घंटे के भीतर 159 लोगों के लापता होने की एफआईआर दर्ज की गई हैं। औसतन देखा जाए तो शहर में हर घंटे 7 लोग गायब हो रहे हैं। अचानक सामने आए इन भारी आंकड़ों से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस महकमा अब इसे केवल एक सामान्य गुमशुदगी की रिपोर्ट न मानकर सभी संभावित पहलुओं से जांच में जुट गया है।
Table of Contents
लापता होने वालों में सबसे ज्यादा महिलाएं, आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बंधक और मानव तस्करी के एंगल से जांच
मुजगहन, उरला और गुढ़ियारी थानों में दर्ज हुए सबसे ज्यादा मामले
शादी के अगले दिन बाजार से अचानक गायब हुई नवविवाहिता
अस्पताल, आश्रम और ट्रांसपोर्ट नगर से भी लोग हुए लापता
थानेवार गुमशुदगी के आंकड़े
पारिवारिक कलह, प्रेम संबंध और आर्थिक तंगी बने मुख्य कारण
DSP बोले: हर केस में टेक्निकल सर्विलांस और कॉल डिटेल की जांच जारी
लापता होने वालों में सबसे ज्यादा महिलाएं, आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
Raipur Police Missing Crime News: पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज शिकायतों का विश्लेषण करने पर सबसे खतरनाक आंकड़े महिलाओं की गुमशुदगी के सामने आए हैं। कुल 159 मामलों में से 78 महिलाएं लापता हैं, जिनमें गृहिणियां, नवविवाहिताएं और कामकाजी महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 54 वयस्क पुरुष, 17 नाबालिग बच्चे और 10 बुजुर्ग भी अपने घरों से अचानक गायब हुए हैं। नाबालिगों में स्कूल या ट्यूशन जाने के दौरान गायब होने वाले बच्चे शामिल हैं, जबकि लापता बुजुर्गों में से कुछ की मानसिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बंधक और मानव तस्करी के एंगल से जांच
Raipur Missing Cases Breakdown: अचानक बढ़ी प्राथमिकियों की वजह सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी कड़े दिशा-निर्देश हैं। सर्वोच्च अदालत के आदेश के मुताबिक अब किसी भी व्यक्ति की गुमशुदगी को केवल रोजनामचे में दर्ज करके नहीं छोड़ा जा सकता। पुलिस को हर मामले में अपहरण, अवैध रूप से बंधक बनाने या किसी आपराधिक गिरोह द्वारा छिपाए जाने की आशंका के तहत एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच करनी पड़ रही है। इसी नई प्रक्रिया के तहत सभी पुराने व नए लंबित मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
मुजगहन, उरला और गुढ़ियारी थानों में दर्ज हुए सबसे ज्यादा मामले
Supreme Court Missing Guidelines CG: रायपुर शहर के शहरी और औद्योगिक इलाकों से जुड़े थानों में लापता होने की दर सबसे ज्यादा देखी गई है। कमिश्नरेट क्षेत्र में उरला थाने में सबसे ज्यादा 18, मुजगहन में 16, गुढ़ियारी में 13, खमतराई में 11 और टिकरापारा में 9 मामले दर्ज हुए। वहीं पंडरी और डीडी नगर में 7-7, खम्हारडीह, आमानाका, गंज और राजेंद्र नगर में 5-5 मामले सामने आए। ग्रामीण इलाके की बात करें तो खरोरा में 7, तिल्दा नेवरा में 5, जबकि अभनपुर, धरसीवां, सिलतरा और मंदिर हसौद में 4-4 गुमशुदगी दर्ज की गई हैं।
शादी के अगले दिन बाजार से अचानक गायब हुई नवविवाहिता
Raipur Crime News Update: लापता लोगों के मामलों में कई हैरान करने वाले केस सामने आए हैं। गोलबाजार थाना क्षेत्र में शादी के महज 24 घंटे के भीतर 25 वर्षीय नवविवाहिता छाया लहरे रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई। बिलासपुर में विवाह के बाद पति अपनी पत्नी को लेकर रायपुर के जवाहर मार्केट में खरीदारी करने लाया था। पति जब पत्नी को दुकान के पास बैठाकर पास की दुकान से जूस लेने गया, तब तक नवविवाहिता वहां से गायब हो चुकी थी। परिजन लगातार अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।
अस्पताल, आश्रम और ट्रांसपोर्ट नगर से भी लोग हुए लापता
अन्य मामलों में आमानाका के टाटीबंध ट्रांसपोर्ट नगर से ओडिशा निवासी ट्रक खलासी वैश्नब हरिजन चालक के सोते समय गायब हो गया। माना कैंप स्थित शासकीय वरिष्ठजन आश्रम से 72 वर्षीय पैरालाइसिस पीड़ित सुकेश कुमार दत्त बिना बताए निकल गए। इसके अलावा जशपुर से रायपुर इलाज कराने आई 43 वर्षीय महिला केलाती पैंकरा अस्पताल की भीड़ के बीच से अचानक लापता हो गई। परिजन उनकी तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों की प्रारंभिक पड़ताल के अनुसार गुमशुदगी के पीछे अधिकांश मामलों में घरेलू परिस्थितियां जिम्मेदार होती हैं। पति-पत्नी के बीच जारी अनबन, पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध, बेरोजगारी, कर्ज का दबाव, नशे की लत और जायदाद से जुड़े झगड़े लोगों के बिना बताए घर छोड़ने की मुख्य वजह बनते हैं। वहीं नाबालिगों के मामलों में पढ़ाई का मानसिक दबाव और सोशल मीडिया का प्रभाव भी एक बड़ी वजह बनकर उभरा है।
DSP बोले: हर केस में टेक्निकल सर्विलांस और कॉल डिटेल की जांच जारी
रायपुर के डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए हर शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की जा रही है। पुलिस की विशेष टीमें लापता लोगों के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR), सोशल मीडिया अकाउंट्स और आखिरी लोकेशन खंगाल रही हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय सीमाओं पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों तक पहुंचा जा सके।
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