धमतरी। देशव्यापी वोट चोरी आंदोलन के तहत जंतर-मंतर पर अपनी आवाज बुलंद करने जा रहे एनएसयूआई धमतरी के जिलाध्यक्ष राजा देवांगन को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जंतर-मंतर जैसे लोकतांत्रिक विरोध के निर्धारित स्थल तक जाने से रोकने और युवाओं को हिरासत में लेने की यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार और संविधान की मूल भावना पर गंभीर हमला है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा देवांगन ने कहा कि लोकतंत्र में वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता। उन्होंने कहा आज देश भर में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने, एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं और कथित वोट चोरी के खिलाफ युवा और आम जनता सड़कों पर है। हम शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर जा रहे थे ताकि
निर्वाचन आयोग और सरकार से जवाब मांग सकें। अगर अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने के लिए भी युवाओं को रोका जाता है और गिरफ्तार किया जाता है तो यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और निर्वाचन आयोग पर उठ रहे गंभीर आरोपों को दबाने के बजाय जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, इसमें असहमति व्यक्त करने, सरकार से सवाल पूछने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने की स्वतंत्रता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जब लाखों मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोप लग रहे हों और युवा जंतर-मंतर जाकर आवाज़ उठाना चाहें, तो उन्हें हिरासत में लेना सरकार की असहिष्णुता को उजागर करता है। लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं बल्कि नागरिकों का अधिकार है। वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं है।