हरिभूमि न्यूज धमतरी
श्यामतराई स्थित कृषि उपज मंडी में आज से वनोपज सहित औषधि उत्पादों की खरीदी बिक्री का श्रीगणेश होने जा रहा है। इसके लिए ट्रेडसों को लाइसेंस प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि वन विभाग तेंदूपत्ता संग्रहण समितियों के माध्यम से वनोपज की खरीदी करता है लेकिन वनोपज की राशि तत्काल नहीं मिलने से वनाचंल के लोग बाजार में सस्ते दाम पर नकद में बेच देते हैं।
धमतरी जिला का 51 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है।
यहां कई तरह के वनोपज प्रत्येक सोमवार को जुटेंगे क्रेता-विक्रेता, कुछ ट्रेडर्स को लाइसेंस दिया गया वनोपज विक्रय के लिए जगह निर्धारित कृषि विभाग के उपसंचालक मोनेश साहू ने बताया कि धमतरी जिले के अलावा बस्तर क्षेत्र के वनोपज संग्राहकों को इसका बड़ा लाभमिलेगा। 12 अक्टूबर सोमवार को प्रातः 10 बजे से मंडी परिसर के शेड क्रमांक 1 में पोल क्रमांक 4 से 8 तक के हिस्से को इसके लिए आरक्षित किया गया है। यहां पर वनौषधि एवं वनोपज का क्रय-विक्रय किया जाएगा।
कृषि उपज मंडी परिसर श्यामतराई, धमतरी
वनोपज का मिलेगा सही भाव : अबिनाश मिश्रा
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा है कि हर सोमवार को श्यामतराई मंडी में वनोपज की खरीदी होगी। इसके लिए कुछ ट्रेडर्स को लाइसेंस इसेंस प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के जंगल में हर्रा, बेहड़ा, आंवला जैसे त्रिफला के अलावा लाख, इमली, सतावर, मूसली, अश्वगंधा सहित अन्य उत्पाद होते हैं। इसे बेचने के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। वनोपज का सही दाम मिलेगा। उल्लेखनीय है कि वर्षों पहले यहां के लाख तथा वनोपज की पहचान एशिया स्तर पर थी। अब वनोपज की पहचान एशिया में मध्यप्रदेश के नीमच में है। धमतरी बस्तर का प्रवेश द्वार है। इस मंडी में बस्तर से भी वनोपज बिकने के लिए आएगा।
तथा वन औषधि पाई जाती है। वनोपज का संग्रहण करने वाले वनवासी इसे स्थानीय बाजार में बेचते हैं। बाजार में वनोपज की खरीदी करने वाले व्यवसायियों को अपना माल प्रदेश से बाहर बेचना पड़ता है जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था दी है। श्यामतराई स्थित कृषि उपज मंडी में प्रत्येक सोमवार को वनोपज एवं अन्य औषधि उत्पादों की खरीदी बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इससे वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्र के वनोपज और उत्पादों का संग्रहण करने एवं उपार्जन करने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा।