इसके साथ ही रायपुर एयरपोर्ट से पटना और रांची के लिए भी हवाई सेवा शुरू करने की सहमति मिली है। CM विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से छत्तीसगढ़ की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने और रीजनल एयरपोर्ट को डेवलप करने के लिए चर्चा की।छत्तीसगढ़ के इकोनॉमिक डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा
बैठक के दौरान सीएम साय ने चर्चा में बताया कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा की बड़ी संभावनाएं हैं। प्रदेश में इंटरनेशनल पैंसेजर ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए रायपुर से सिंगापुर और दुबई के लिए सीधी उड़ानों की जरूरत है। इन रुट पर यात्री ट्रैफिक काफी अच्छा है, जिससे ये सेवाएं व्यवसायिक रूप से लाभकारी साबित होंगी।
केंद्रीय कार्गो हब डेवलप करने का प्रस्ताव दिया
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में राज्य में कोई बड़ा कार्गो सुविधा केंद्र नहीं होने की जानकारी दी। रायपुर के एयरपोर्ट को एक केंद्रीय कार्गो हब में डेवलप करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इससे कृषि और बागवानी उत्पादों के ट्रासपोर्टेशन को बढ़ावा मिलेगा। केन्द्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।बिलासपुर एयरपोर्ट पर शुरू होगी नाइट लैंडिंग की सुविधा
वहीं बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए 3C IFR कैटेगरी में अपग्रेडेशन का प्रस्ताव भी रखा। रेडियो नेविगेशन सिस्टम डीवीओआर (DVOR) की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री ने बिलासपुर एयरपोर्ट पर विमानों की नाईट लैंडिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए इसे तुरंत शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
तीर्थ स्थलों के लिए सीधे फ्लाइट की मांग की
मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर एयरपोर्ट को रायपुर, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए नई उड़ानों की शुरुआत की भी मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और खनिज संपदा को देखते हुए नई उड़ान सेवा शुरू करने से लोगों को काफी फायदा होगा, जिस पर भी केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है।
कनेक्टिविटी बढ़ाने से क्षेत्रीय विकास में मिलेगी मदद
बैठक में मुख्यमंत्री ने जगदलपुर और बिलासपुर एयरपोर्ट्स पर आरसीएस उड़ानों के लिए वित्तीय सहायता को बहाल करने की भी मांग की है। उन्होंने बताया कि इन रूट्स पर कनेक्टिविटी बढ़ाने से क्षेत्रीय विकास में मदद मिलेगी।
जगदलपुर से रायपुर के बीच इंडिगो एयरलाइंस की संचालित उड़ान सेवा को कम यात्रियों के चलते बंद है। इसे फिर से सही समय पर शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इस मार्ग पर हवाई कनेक्टिविटी की मांग है। केंद्रीय मंत्री ने कई प्रस्तावों पर आश्वासन दिया है।
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