अबिकापुर सरगुजा भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य मे चल रही एपीएल राशन वितरण योजना को बंद करने की मांग की है। उन्होंने इस योजना से होने वाली 900 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत को सड़क, स्वास्थ्य,शिक्षा और अन्य विकास कार्यों में उपयोग करने का सुझाव दिया है। भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 8.53 लाख एपीएल राशन कार्डधारकों को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल दिया जाता है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 35 रुपये है, इससे सरकार को प्रतिमाह 75 करोड़ का आर्थिक भार पड़ता है,
उन्होंने तर्क दिया कि एपीएल परिवार आर्थिक रूप से सक्षम हैं और बाजार से अनाज खरीद सकते हैं।
इस योजना का दुरुपयोग हो रहा है, कई कार्डधारक राशन को खुले बाजार में बेच रहे हैं या इसे पशु आहार के रूप में उपयोग कर रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इस योजना को बंद करने से न केवल भ्रष्टाचार रुकेगा, बल्कि बचने वाली राशि से ग्रामीण सड़कों का निर्माण,सरकारी अस्पतालों का उन्नयन और स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं।
यह योजना पूर्ववर्ती सरकार की वोट बैंक राजनीति का हिस्सा थी, जिसकी अब प्रासंगिकता खत्म हो चुकी है, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एपीएल परिवारों के 7 सदस्यों को प्रतिमाह तीन लाख क्विंटल चावल का आबंटन किया जाता है।
